शहर के प्रतिष्ठित हीरो माता मंदिर की ओर जाने वाले मार्ग पर जलभराव और गंदगी की समस्या ने श्रद्धालुओं को उग्र प्रदर्शन के लिए मजबूर कर दिया। मंदिर मार्ग पर शौचालयों और नालियों से निकलने वाले दूषित पानी के जमावड़े से नाराज सैकड़ों भक्तों ने गुरुवार को गंदे पानी में बैठकर विरोध जताया। उनका कहना था कि जब तक इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं होता, उनका आंदोलन जारी रहेगा।
नगर पालिका कार्यालय पर प्रदर्शन
धरना प्रदर्शन के बाद, श्रद्धालु नारेबाजी करते हुए नगर पालिका कार्यालय पहुंचे। वहां उन्होंने करीब दो घंटे तक प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि नगर पालिका अध्यक्ष और मुख्य नगर पालिका अधिकारी को कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन समस्या का कोई समाधान नहीं निकाला गया। प्रदर्शन के दौरान कार्यालय से अधिकांश कर्मचारी अनुपस्थित थे और मुख्य नगर पालिका अधिकारी भी नहीं मिले, जिससे आक्रोश और बढ़ गया।
समस्या का स्वरूप और राजनीतिक हस्तक्षेप
पूर्व पार्षद विजय परमार ने बताया कि हीरो माता मंदिर मार्ग न केवल मंदिर तक पहुंचने का रास्ता है, बल्कि यह मुक्तिधाम और आसपास के एक दर्जन गांवों के लिए भी एक महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। बरसात के मौसम में श्रद्धालुओं के साथ-साथ अंतिम यात्रा में शामिल होने वाले लोगों को भी इस गंदे पानी से गुजरना पड़ता है। सूचना मिलने पर विधायक देवेंद्र सखवार नगर पालिका पहुंचे और उन्होंने प्रशासन को तीन दिनों के भीतर समस्या का समाधान करने की चेतावनी दी।
विधायक ने कहा कि यदि निर्धारित समय सीमा में कार्रवाई नहीं की गई तो एक बड़ा जन आंदोलन छेड़ा जाएगा। उन्होंने मौके से ही एसडीएम से बात की। इसके बाद तहसीलदार ने पहुंचकर तीन दिनों में कार्रवाई शुरू कराने का आश्वासन दिया। तहसीलदार के आश्वासन के बाद श्रद्धालुओं ने अपना धरना समाप्त कर दिया। इस आंदोलन में पार्षद, पूर्व जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक शामिल थे।





टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!