पक्की सड़क की मांग पर अड़े ग्रामीण

मुरैना जिले के पोरसा जनपद अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत अजेड़ा के पंडितनन का पुरा गांव में पक्की सड़क की मांग को लेकर चल रहा ग्रामीणों का विरोध प्रदर्शन सोमवार को लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा। स्थानीय लोग पिछले कई10 वर्षों से करीब छह किलोमीटर लंबी इस बदहाल सड़क के स्थायी निर्माण की गुहार लगा रहे हैं।

बरसात के मौसम में इस मार्ग की स्थिति बेहद दयनीय हो जाती है। कीचड़ और दलदल में तब्दील हो जाने के कारण इस रास्ते पर पैदल चलना भी दूभर हो जाता है, जिससे क्षेत्रीय आवागमन पूरी तरह से प्रभावित होता है।

मरीजों और स्कूली बच्चों की बढ़ी मुश्किलें

सड़क पर बने दलदल और जलभराव का सीधा असर बच्चों और बीमार लोगों पर पड़ रहा है। आपात स्थिति में मरीजों और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल तक पहुंचाने के लिए एंबुलेंस या अन्य वाहन तक गांव तक नहीं पहुंच पाते हैं। इसके अलावा, स्कूल के आसपास पानी भरने के कारण छोटे बच्चों को भी विद्यालय जाने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

प्रदर्शन कर रहे युवाओं ने दो टूक शब्दों में स्पष्ट कर दिया है कि जब तक प्रशासन उनकी इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं करता, तब तक उनका यह धरना-प्रदर्शन यूं ही जारी रहेगा। ग्रामीणों का कहना है कि यह मार्ग पहले मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत आता था, जिसे बाद में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में शामिल कर लिया गया। साथ ही, गांव के भीतर हुए अतिक्रमण के चलते रास्ता भी काफी संकरा हो गया है।

अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों का आश्वासन

इस पूरे मामले पर ग्राम पंचायत के सरपंच हरेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि ग्रामीणों की मांग को उच्चाधिकारियों तक पहुंचाया गया है, जिसके बाद रास्ते की मरम्मत के निर्देश मिले हैं। फिलहाल सड़क का लेबलिंग कर अस्थायी तौर पर सुधार कार्य किया जा रहा है और बजट स्वीकृत होने पर यहां पक्की सड़क का निर्माण कराया जाएगा।

वहीं, पोरसा जनपद की सीईओ सुनीता शर्मा ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि यह सड़क प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत स्वीकृत हुई है और इसका निर्माण जनपद स्तर से नहीं होना है। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया है कि पक्की सड़क बनने तक आवागमन को सुगम बनाने के लिए जल्द ही गिट्टी और बजरी डलवाने का कार्य शुरू किया जाएगा ताकि लोगों को फौरी राहत मिल सके।