मुरैना जिले में मौसम का मिजाज अचानक बदल गया है और रविवार की आधी रात से लगातार बारिश का दौर जारी है। इस मानसूनी बारिश के चलते शहर के तमाम रिहायशी इलाकों और प्रमुख मार्गों पर पानी भर गया है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ है और लोगों को आने-जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

उमस से मिली राहत, पर किसानों की बढ़ी चिंता

लंबे समय से उमस और गर्मी से जूझ रहे स्थानीय निवासियों को इस बारिश से काफी सुकून मिला है। दूसरी ओर, खेतों में पानी भर जाने के कारण किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इस सीजन में बोई गई बाजरे की फसल पर पानी के जमा होने से नुकसान का खतरा मंडराने लगा है।

जिले में वर्षा के आंकड़े और तहसीलवार स्थिति

जिला प्रशासन से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, बीते 5 सितंबर को जिले में औसतन 68.1 मिमी बारिश दर्ज की गई। जिले की कुल सामान्य औसत वर्षा 706.9 मिमी है, जबकि 1 जून से 5 सितंबर तक कुल औसत बारिश 503.3 मिमी ही रिकॉर्ड की गई है जो सामान्य से कम है।

वर्षामापी केंद्रों के आंकड़ों के मुताबिक, 5 सितंबर को कैलारस में सबसे अधिक 122 मिमी, सबलगढ़ में 117 मिमी, जौरा में 70 मिमी, अंबाह में 65.8 मिमी, मुरैना में 24 मिमी और पोरसा में 10 मिमी बारिश दर्ज की गई थी।

मानसून की चाल और खरीफ फसलों पर असर

इस सीजन के शुरुआती महीनों यानी जून और जुलाई के दौरान पर्याप्त बारिश न होने के कारण खरीफ की फसलें प्रभावित हुई थीं और किसानों को पानी का इंतजार करना पड़ा था। अब सितंबर के महीने में अचानक तेज बारिश का दौर शुरू होने से निचले खेतों में जलभराव होने लगा है, जिससे किसानों की चिंताएं फिर से गहरी हो गई हैं।