मुरैना प्रवास के दौरान केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने विपक्षी दल कांग्रेस पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस ने देश में लगभग छह दशक तक सत्ता संभाली, परंतु इस लंबी अवधि के दौरान भी आम जनता को मूलभूत सुविधाएं जैसे बिजली, पानी और सुगम सड़कों का पर्याप्त नेटवर्क नहीं मिल पाया।

चंबल वाटर प्रोजेक्ट से बदलेगी तस्वीर

अपने संबोधन के दौरान सिंधिया ने ग्वालियर-चंबल आंचल की प्रमुख विकास योजनाओं का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने चंबल नदी से जुड़ी महत्वाकांक्षी जल परियोजना को भविष्य की पीढ़ियों के लिए जल संकट के स्थाई समाधान की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम करार दिया।

ग्वालियर को मिलेगा 150 एमएलडी पानी

परियोजना की जानकारी साझा करते हुए उन्होंने बताया कि चंबल और कोतवाल बांध से लगभग 21 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई जा रही है, जिसके माध्यम से 150 एमएलडी पानी ग्वालियर तक पहुंचाया जाएगा। वर्तमान में इस योजना पर तेजी से कार्य चल रहा है और इसे मार्च 2027 तक पूरा करने का आधिकारिक लक्ष्य तय किया गया है।

उन्होंने आगे स्पष्ट किया कि इस वृहद जल परियोजना से न केवल पेयजल संकट दूर होगा, बल्कि कृषि क्षेत्र को भी इसका भरपूर लाभ मिलेगा। इससे करीब साढ़े पांच लाख हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई के लिए पानी मिलने की बात उन्होंने कही।

आगरा-ग्वालियर एक्सप्रेस-वे से घटेगी दूरी

सड़क नेटवर्क की दिशा में बड़ा कदम बताते हुए केंद्रीय मंत्री ने 5200 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले आगरा-ग्वालियर एक्सप्रेस-वे का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस एक्सप्रेस-वे के बन जाने के बाद ग्वालियर से आगरा की दूरी तय करने में मात्र 50 मिनट का समय लगेगा।

उन्होंने क्षेत्रवासियों की इस पुरानी मांग और आकांक्षा का जिक्र करते हुए इस महत्वपूर्ण परियोजना की स्वीकृति के लिए देश के प्रधानमंत्री और प्रदेश के मुख्यमंत्री के प्रति आभार प्रकट किया।

अंचल के विकास को लेकर प्रतिबद्धता

जनता का आभार जताते हुए सिंधिया ने कहा कि उन्हें जनता का निरंतर मिल रहा आशीर्वाद कार्य करने की ऊर्जा देता है। उन्होंने साफ किया कि उनका कार्यक्षेत्र केवल गुना-शिवपुरी तक सीमित नहीं है, बल्कि मुरैना, ग्वालियर, भिंड और श्योपुर का समग्र विकास भी उनकी प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर है।

अंत में उन्होंने कहा कि भिंड, मुरैना और ग्वालियर के साथ उनका गहरा पारिवारिक रिश्ता है और वे राजमाता विजयाराजे सिंधिया द्वारा दिखाए गए मार्ग पर चलते हुए जनता की सेवा के लिए पूरी तरह समर्पित हैं। सिंधिया के इन बयानों के बाद अंचल में सड़क, पानी और सिंचाई से जुड़ी योजनाओं पर चर्चाएं तेज हो गई हैं।