अंचल में किसानों की ओर से लगातार बढ़ रही खाद की मांग को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने वितरण व्यवस्था पर अपनी पैनी नजर रखनी शुरू कर दी है। इसी क्रम में मुरैना जिले के जौरा और सुमावली इलाकों में प्रशासनिक अमले ने मोर्चा संभाल लिया है।
एसडीएम के नेतृत्व में गोदामों और दुकानों का औचक निरीक्षण
कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ के मार्गदर्शन में जौरा के एसडीएम शुभम शर्मा ने कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर क्षेत्र के सभी सरकारी खाद गोदामों और निजी उर्वरक विक्रेताओं की दुकानों की जांच की। इस दौरान स्टॉक पंजी और वितरण प्रणाली की गहनता से पड़ताल की गई।
टोकन धारी किसानों के रहने तक खुली रहेंगी दुकानें
निरीक्षण के दौरान दुकानदारों और गोदाम संचालकों को सख्त हिदायत दी गई कि वे तय समय पर अपनी दुकानें खोलें। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन किसानों के पास टोकन पर्ची मौजूद है, उन्हें खाद का वितरण होने तक प्रतिष्ठान बंद नहीं किए जाएंगे।
अधिकारियों ने विक्रेताओं को यह भी चेताया कि किसानों को केवल शासन द्वारा निर्धारितृत दरों पर ही खाद बेची जाए। यदि किसी भी स्तर पर अधिक दाम वसूलने या गड़बड़ी की शिकायत मिलती है, तो संबंधितों के विरुद्ध त्वरित और सख्त कार्रवाई की जाएगी।
लंबी कतारों से राहत के लिए बढ़ाई जाएंगी पीओएस मशीनें
वितरण केंद्रों पर उमड़ रही किसानों की भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पीओएस मशीनों की संख्या बढ़ाने के निर्देशदिए गए हैं। इससे पर्ची कटने और खाद मिलने की प्रक्रिया में तेजी आएगी, जिससे अन्नदाताओं को घंटों लाइनों में खड़ा नहीं रहना पड़ेगा।
प्रशासन की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि जिले में खाद का पर्याप्त भंडार मौजूद है और किसी भी तहसील या कस्बे में इसकी कोई कमी नहीं है। राजस्व और कृषि विभाग की संयुक्त टीमें लगातार व्यवस्थाओं पर नजर बनाए हुए हैं ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!