षष्ठी पर हुई मां कात्यायनी की विशेष पूजा

चंबल अंचल के सबलगढ़ क्षेत्र में शारदीय नवरात्र का पर्व पूरी आस्था के साथ मनाया जा रहा है। पर्व के छठे दिन श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से मां कात्यायनी की पूजा-अर्चना की। इस दौरान नगर के प्रमुख मंदिरों और विभिन्न पंडालों को आकर्षक ढंग से सजाया गया था।

भक्तों ने माता के दरबार में पहुंचकर फल, फूल और मिठाइयां अर्पित कीं। सुबह से ही मंदिरों में दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा, जिससे पूरे नगर में भक्तिमय माहौल बन गया।

संकीर्तन और झांकियों ने मोहा मन

प्राचीन देवी मंदिर और शिवलालपुरा क्षेत्र में भव्य माता रानी का संकीर्तन आयोजित हुआ। भजनों की धुनों पर श्रद्धालु जमकर झूमे। इसके अलावा देर रात रेलपार मोहल्ले में भी संकीर्तन का आयोजन किया गया, जिसमें स्थानीय लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

जयपुरिया बाग करनपुर वाली देवी मंदिर के संस्थापक राजेश जयपुरिया भोले के अनुसार, मां कात्यायनी की उपासना करने से साधक को मानसिक बल की प्राप्ति होती है। वहीं, शिवलालपुर बाग में मोहन पचौरी द्वारा सजाए गए दरबार में भी भक्तों की भारी भीड़ जुटी।

धार्मिक प्रसंगों पर आधारित प्रस्तुतियां

विभिन्न स्थानों पर सजी झांकियों में पौराणिक प्रसंगों को जीवंत किया गया। इनमें मुख्य रूप से भगवान श्रीराम के दरबार, कृष्ण-राधा के नृत्य और रावण के दरबार में अंगद द्वारा पैर जमाने की लीला को दर्शाया गया, जिसे देखकर सभी मंत्रमुग्ध हो गए।

आयोजनों के दौरान पार्षद मनोज जादौन, रचना, अशरफ खान, सुशील कुमार सेन और सतेंद्र जाटव समेत सैकड़ों गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। देवी संकीर्तन मंडल के अध्यक्ष अरुण बजाज की देखरेख में श्रद्धालुओं के बीच अन्नकूट का प्रसाद वितरित किया गया।