अंबाह क्षेत्र में फाइनेंस कंपनी के कर्मचारियों की सुरक्षा पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। यहां समूह लोन की किश्त के पैसे मांगने पहुंचे एक कर्मचारी को दबंगों ने निशाना बनाया और उसके साथ जमकर मारपीट की। इस घटना में कर्मचारी के सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं।

समय पर किश्त न मिलने पर पहुंचे थे गांव

घटना की जानकारी देते हुए 27 वर्षीय पीड़ित प्रिंस कुमार ने पुलिस को बताया कि वह अपने साथी जितेंद्र राठौर के साथ दिमनी के मलू का पुरा गांव गया था। वहां उन्हें नागेश जाटव से समूह लोन की किश्त के पैसे वसूलने थे। यह किश्त मूल रूप से 3 सितंबर को ही जमा होनी थी, लेकिन भुगतान न होने के कारण वे लोग राशि लेने पहुंचे थे।

पैसा मांगते ही शुरू की गाली-गलौज और मारपीट

प्रिंस के अनुसार, जब उन्होंने नागेश जाटव से बकाया राशि की मांग की तो वह आग बबूला हो गया और अमानवीय भाषा का इस्तेमाल करने लगा। विरोध जताने पर नागेश ने लाठी से प्रिंस के सिर पर जोरदार हमला कर दिया, जिससे उसका खून बह निकला। इस बीच राहुल सिसोदिया भी वहां आ गया और उसने डंडों व लात-घूंसों से हमला कर प्रिंस की पीठ और दाएं घुटने को जख्मी कर दिया।

साथियों के बीच-बचाव के बाद दी जान से मारने की धमकी

हंगामे और मारपीट की इस स्थिति के दौरान पीड़ित के अन्य साथियों जितेंद्र राठौर और अनिल जाटव ने बीच-बचाव कर किसी तरह मामले को शांत कराया। आरोप है कि हमलावरों ने जाते-जाते धमकी दी कि यदि भविष्य में दोबारा पैसे मांगने के लिए गांव में कदम रखा, तो उसे जान से खत्म कर दिया जाएगा।

घायल कर्मचारी ने स्थानीय थाने पहुंचकर पूरे घटनाक्रम की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने प्रिंस के बयानों के आधार पर नामजद आरोपी नागेश जाटव और राहुल सिसोदिया के विरुद्ध प्राथिमकी दर्ज कर ली है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और आरोपियों की तलाश जारी है।