मुरैना जिले के बामौर थाना क्षेत्र में एक युवक के कथित अपहरण का मामला पुलिस जांच में पूरी तरह से झूठा साबित हुआ है। ऑनलाइन गेमिंग में करीब 2.50 लाख रुपये हारने के बाद युवक ने अपने परिजनों से बचने के लिए खुद के अपहरण की एक मनगढ़ंत कहानी रची थी। पुलिस ने दो दिनों की गहन तलाश के बाद युवक को दिल्ली के एक होटल से सकुशल बरामद कर लिया है।
परिजनों ने दर्ज कराई थी रिपोर्ट
घटना की शुरुआत 17 जुलाई को हुई, जब पमाया रोड निवासी देवी सिंह कुशवाह ने बामौर थाने में अपने 26 वर्षीय बेटे सोनू कुशवाह के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने पुलिस को बताया था कि सोनू बाजार जाते समय आंगनबाड़ी केंद्र के पास से कुछ अज्ञात लोगों द्वारा कार में जबरन बैठाकर ले जाया गया था। पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 140(3) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।
पुलिस की सक्रियता और जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीना ने तत्काल थाना प्रभारी दीपेंद्र सिंह यादव के नेतृत्व में दो विशेष टीमें गठित कीं। पुलिस ने क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, तकनीकी साक्ष्य जुटाए और अपने मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया ताकि युवक का पता लगाया जा सके।
जांच के दौरान पुलिस को कुछ ऐसे संकेत मिले जिनसे यह मामला संदिग्ध लगने लगा। हालांकि, पुलिस ने युवक की तलाश जारी रखी। मोबाइल की आखिरी लोकेशन के आधार पर पुलिस की टीम दिल्ली पहुंची। प्रारंभिक तलाश निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन और आसपास के इलाकों में की गई।
इसके बाद पुलिस ने इलाके के करीब 150 होटलों और लॉज की छानबीन की। आखिरकार, सोनू कुशवाह को होटल चौहान रेजीडेंसी के कमरा नंबर-11 में अकेला मोबाइल चलाते हुए पाया गया। होटल प्रबंधन ने पुलिस को बताया कि सोनू 18 जुलाई को अकेले ही होटल में ठहरा था।
पूछताछ में खुला राज
जब सोनू से पूछताछ की गई तो उसने पूरी सच्चाई बयां कर दी। उसने बताया कि वह ऑनलाइन गेमिंग का आदी है और इस खेल में वह करीब 2.50 लाख रुपये हार चुका था। घर की आर्थिक जिम्मेदारियां उसी पर थीं, और पैसे हारने के बाद वह अपने परिवार का सामना करने में असमर्थ महसूस कर रहा था। इसी डर के कारण वह घर से भागकर दिल्ली आ गया और उसने अपहरण की झूठी कहानी गढ़ी, ताकि परिजनों को लगे कि अज्ञात लोगों ने उसका अपहरण कर पैसे लूट लिए हैं।
पुलिस ने युवक को सकुशल बरामद कर लिया है और मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। एडिशनल एसपी सुरेंद्र पाल सिंह ने बताया कि युवक के अपहरण का मामला पूरी तरह से झूठा निकला है और सोनू कुशवाह ने खुद यह साजिश रची थी। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस साजिश में कोई और भी शामिल था या नहीं। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!