मुरैना जिले के पोरसा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत अरुषि में करीब साठ बीघा सरकारी गोचर भूमि पर अवैध कब्जा किए जाने का मामला प्रकाश में आया है। इस संबंध में कोंथर गांव के रहने वाले राघवेंद्र सिंह ने जिला कलेक्टर के पास पहुंचकर औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है।
पांच खसरा नंबरों की जमीन पर अवैध खेती का दावा
शिकायतकर्ता के अनुसार, ग्राम अरुषि में स्थित खसरा नंबर 969, 970, 1100, 1099 और 1105 राजस्व दस्तावेजों में गोचर यानी चारागाह के रूप में दर्ज हैं। आरोप लगाया गया है कि जीतू तोमर उर्फ दमु, अजीत, जितेंद्र सिंह, प्रदीप सिंह और संजय सिंह ने इस पूरी भूमि पर कब्जा कर रखा है और फिलहाल वहां फसल बोई गई है।
स्थानीय अधिकारियों पर कार्रवाई न करने के आरोप
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि ग्राम लेपा के निवासी रिंकू सिंह द्वारा ट्रैक्टर के माध्यम से सरकारी जमीन की जुताई कर लगातार अतिक्रमण को बढ़ावा दिया जा रहा है। राघवेंद्र सिंह का कहना है कि इस मामले को लेकर उन्होंने पूर्व में पोरसा के तहसीलदार और एसडीएम को भी लिखित आवेदन दिए थे, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की तरफ से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
मवेशियों के चारागाह पर संकट और प्रशासन से मांग
गोचर भूमि पर कब्जा होने के कारण ग्रामीण इलाकों के बेजुबान पशुओं के लिए चारागाह की जमीन लगातार कम हो रही है, जिससे उनके चारे का संकट गहराता जा रहा है। पीड़ित ग्रामीण ने कलेक्टर से मांग की है कि इस मामले में राजस्व विभाग की एक विशेष टीम भेजकर मौके का सीमांकन और निरीक्षण कराया जाए।
शिकायतकर्ता ने मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता की धारा 248 के प्रावधानों के तहत कार्रवाई करते हुए सरकारी भूमि को पूरी तरह से अतिक्रमण मुक्त कराने की गुहार लगाई है। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम को लेकर प्रशासनिक स्तर पर अभी तक आधिकारिक तौर पर किसी कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!