अंचल के सबलगढ़ क्षेत्र में नेशनल हाईवे-552 स्थित नए बस स्टैंड के समीप सड़क की स्थिति बेहद दयनीय हो चुकी है। इस मार्ग पर भारी वाहनों का निरंतर आवागमन रहता है, जिसके परिणामस्वरुप सड़क पर सैकड़ों गहरे गड्ढे बन गए हैं। बरसात के मौसम में इन गड्ढों में जलभराव होने से पूरा क्षेत्र किसी तालाब में तब्दील नजर आता है, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों का निकलना दूभर हो गया है।
मरम्मत के नाम पर केवल डाली जा रही है गिट्टी
क्षेत्रीय रहवासियों का आरोप है कि सड़क की बदहाली दूर करने के लिए केवल खानापूर्ति की जाती है। मेंटेनेंस के नाम पर गड्ढों के भीतर मोटी गिट्टी डालकर औपचारिकता पूरी कर दी जाती है। संबंधित विभाग बारिश के समय डामरीकरण न हो पाने का तर्क देकर अपनी जिम्मेदारी से बच निकलते हैं। लगातार पानी भरने के कारण डामर उखड़ जाता है और गड्ढों का दायरा दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है।
खारनाला से कन्या शाला तक सीमेंट रोड की मांग
इस विकट समस्या को लेकर स्थानीय वरिष्ठ नागरिक रोशन लाल हरदैनिया ने प्रशासनिक स्तर पर आपत्ति दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि खारनाला से लेकर कन्या शाला स्कूल तक का यह पूरा हिस्सा भारी परेशानियों का केंद्र बन चुका है। उन्होंने मांग की है कि इस क्षेत्र में यातायात के दबाव को देखते हुए डिवाइडर युक्त लगभग 50 फीट चौड़ी सीमेंटेड सड़क का निर्माण कराया जाए, ताकि इस मुसीबत से स्थाई राहत मिल सके।
नागरिकों का मानना है कि डामर मार्ग की तुलना में सीमेंट-कंक्रीट रोड भारी वाहनों का दबाव बेहतर ढंग से सहन करती है और अधिक समय तक सुरक्षित रहती है। हालांकि स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि केवल कंक्रीट सड़क बनाने से ही काम नहीं चलेगा, बल्कि बारिश के पानी की सुचारू निकासी और सड़क की उचित ढलान का प्रबंध करना भी उतना ही आवश्यक है।
कलेक्टर की मंजूरी का इंतजार कर रहा प्रस्ताव
सड़क की इस समस्या पर पक्ष रखते हुए नेशनल हाईवे-552 के एसडीओ विजय अवस्थी ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि इस हिस्से में सड़क का तल नीचा होने के कारण पानी जमा हो जाता है और बार-बार गड्ढे उभर आते हैं। इस परेशानी के स्थाई समाधान के रूप में सीमेंटीकरण का प्रस्ताव तैयार किया जा चुका है। जिला कलेक्टर से अनुमोदन मिलने के पश्चात इस प्रस्ताव को उच्च विभागीय स्वीकृति के वास्ते आगे भेजा जाएगा।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!