ग्वालियर-चंबल अंचल के मुरैना जिले में मानसून सीजन की गतिविधियां अब अंतिम चरण में हैं। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जिले में एक जून से 18 सितंबर तक कुल मिलाकर औसतन 604.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की जा चुकी है।

पिछले साल के मुकाबले बारिश में आई गिरावट

इस वर्ष दर्ज की गई यह मानसूनी बारिश बीते वर्ष की समान अवधि के आंकड़ों से पीछे चल रही है। पिछले साल इसी समयावधि में जिले में औसतन 933.3 मिलीमीटर बारिश हुई थी। इस प्रकार इस साल पिछले साल के मुकाबले 328.5 मिलीमीटर कम पानी बरसा है।

सबलगढ़ में सबसे अधिक और अंबाह में सबसे कम मानसूनी बरसात

जिले की अलग-अलग तहसीलों में बारिश का असमान पैटर्न देखने को मिला है। एक जून से 18 सितंबर तक के तहसीलवार आंकड़ों पर नजर डालें तो सबलगढ़ क्षेत्र में सबसे अधिक 777.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। इसके विपरीत, अंबाह तहसील में सबसे कम महज 314 मिलीमीटर बारिश ही हो पाई है।

अन्य तहसीलों की स्थिति देखें तो जौरा में 719 मिलीमीटर, कैलारस में 676 मिलीमीटर, पोरसा में 612.5 मिलीमीटर और मुरैना तहसील में 529.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है।

हालिया बारिश और वार्षिक औसत की स्थिति

बीती 18 सितंबर को भी जिले में झमाझम पानी गिरा और औसतन 23.8 मिलीमीटर बारिश आंकी गई। इस एक दिन की बारिश में भी सबलगढ़ सबसे आगे रहा जहां 106 मिलीमीटर पानी बरसा, जबकि मुरैना में 14, कैलारस में 10, पोरसा में 6, जौरा में 4 और अंबाह में 2.5 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई।

गौरतलब है कि मुरैना जिले की सामान्य वार्षिक औसत बारिश 706.9 मिलीमीटर है। मौजूदा आंकड़ों के मुताबिक सबलगढ़ और जौरा तहसीलों में तो वार्षिक औसत से अधिक पानी गिर चुका है, लेकिन कैलारस, पोरसा, मुरैना और अंबाह में कुल बारिश का यह आंकड़ा अभी भी निर्धारित सामान्य औसत से नीचे बना हुआ है।