ग्वालियर-चंबल संभाग के मुरैना जिले में इन दिनों अन्नदाता खाद की किल्लत और तकनीकी समस्याओं के बीच भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं। हालात यह हैं कि किसानों को न केवल लंबी लाइनों और ऑनलाइन पर्ची के झंझट से जूझना पड़ रहा है, बल्कि उन्हें तय दामों से अधिक राशि भी चुकानी पड़ रही है।
सुमावली में खाद के प्रत्येक कट्टे पर 30 रुपये की अतिरिक्त वसूली
जिले के सुमावली कस्बे में संचालित सोसाइटी और नेमी चंद्र सगुन चंद्र जैन ट्रेडर्स पर गंभीर आरोप लगे हैं। यहां खाद खरीदने पहुंचे किसानों से यूरिया और डीएपी के प्रत्येक कट्टे पर 30 रुपये अतिरिक्त वसूले जा रहे हैं। एक स्थानीय किसान द्वारा इस पूरी गड़बड़ी का वीडियो भी बनाया गया है, जो सोशल मीडिया पर सामने आया है।
किसानों का कहना है कि खेत में खाद की सख्त जरूरत होने के कारण वे मजबूरी में दुकानदारों की मनमानी सहने को विवश हैं। अन्नदाताओं का आरोप है कि जरूरत के इस वक्त में उनसे खुलेआम ज्यादा पैसे ऐंठे जा रहे हैं, जो सीधे तौर पर आर्थिक शोषण है।
ऑनलाइन पर्ची और सर्वर की समस्या से बढ़ी मुसीबत
किसानों की मुश्किलें सिर्फ अधिक दाम तक ही सीमित नहीं हैं। सर्वर डाउन रहने के कारण ई-पर्ची आसानी से नहीं कट पाती, जिससे किसानों को खाद पाने के लिए 8 से 10 दिन तक इंतजार करना पड़ता है। इसके बाद जब खाद मिलती है, तो प्रति कट्टा 30 रुपये की अतिरिक्त वसूली और ऑनलाइन प्रक्रिया के नाम पर जुड़ने वाले 50 रुपये किसानों की जेब पर भारी पड़ रहे हैं।
कलेक्टर ने दिए जांच के आदेश, दोषियों पर होगी कार्रवाई
मामले को संज्ञान में लेते हुए मुरैना कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ ने स्पष्ट किया है कि वायरल वीडियो और किसानों की शिकायत के आधार पर पूरे मामले की गहराई से जांच कराई जाएगी। जांच में यदि गड़बड़ी साबित होती है, तो संबंधित विक्रेता या संस्थान के विरुद्ध सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन की ओर से यह भी साफ किया गया है कि किसान चाहे सरकारी केंद्रों से खाद लें या किसी निजी विक्रेता से, किसी भी स्थिति में तयशुदा मूल्य से एक भी रुपया अधिक नहीं वसूला जा सकता। नियमों के विरुद्ध जाकर अधिक राशि वसूलने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!