अंबाह तहसील क्षेत्र में जिला प्रशासन द्वारा अवैध कब्जाधारियों और भूमाफिया के खिलाफ सख्त रुख अपनाया जा रहा है। इसी क्रम में शनिवार को एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए नवीन तहसील परिसर से सटी बेशकीमती सरकारी जमीन को पूरी तरह से अतिक्रमण मुक्त करा लिया गया है।

18 बीघा से अधिक भूमि पर था पुराना कब्जा

मौजा अंबाह के अंतर्गत आने वाली यह सरकारी जमीन करीब 18 बीघा से अधिक क्षेत्र में फैली हुई थी। नए तहसील भवन से सटी होने के कारण इसका सामरिक और व्यावसायिक महत्व काफी अधिक है। हाल ही में चलाए गए भूमाफिया विरोधी अभियान के तहत जब इस इलाके का सीमांकन कराया गया, तब इतने बड़े पैमाने पर अवैध कब्जे का खुलासा हुआ।

चार घंटे चली कार्रवाई और खसरों का विवरण

तहसीलदार नरेश शर्मा के नेतृत्व में अमले ने कार्रवाई करते हुए लगभग 40 साल पुराने इस अवैध कब्जे को हटाने में सफलता हासिल की। इस पूरी मुहिम को पूरा करने में करीब 4 घंटे का समय लगा। अधिकारियों के अनुसार, सर्वे क्रमांक 906, 907, 912 और 913 के अंतर्गत आने वाली इस जमीन का वर्तमान बाजार मूल्य लगभग 21 करोड़ रुपए आंका गया है।

गौशाला भेजी गई फसल, अब होगी पौधरोपण

जमीन पर अवैध कब्जा कर बोई गई बाजरे की फसल को प्रशासन ने जप्त कर लिया है। इस सामग्री को अंबाह नगर पालिका की गौशाला भिजवा दिया गया है। प्रशासन की योजना अब इस खाली कराई गई पूरी जमीन पर बड़े पैमाने पर पौधे लगाने की है, ताकि भविष्य में यहां दोबारा अतिक्रमण न हो सके।

आगे भी जारी रहेगा अभियान

प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। इस पूरी कार्रवाई के दौरान पुलिस बल के साथ-साथ पटवारी शिवमोहन तोमर, राजवीर तोमर, राजेश तोमर, संजीव शर्मा, प्रवीण जादौन, गोपाल सनर, ज्ञानबीर दुबे, सौरभ सिकरवार, अविनाश सेंगर, सोनू गुप्ता और रामकिशन कोटवार सहित अन्य मैदानी अमला प्रमुख रूप से मौजूद रहा।