मुरैना जिले में सांप्रदायिक सद्भाव और लोक शांति बनाए रखने के मद्देनजर जिला प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी लोकेश कुमार जांगिड़ ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के अंतर्गत सख्त प्रतिबंधात्मक आदेश प्रसारित किए हैं, जो पूरे जिले में तत्काल प्रभाव से लागू हो चुके हैं।

बिना अनुमति जुलूस, रैली और धरना-प्रदर्शन पर रहेगा प्रतिबंध

प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, जिले की राजस्व सीमा के भीतर बिना पूर्व अनुमति के कोई भी रैली, जुलूस, धरना, अनशन, पदयात्रा या बाइक रैली नहीं निकाली जा सकेगी। इस तरह के आयोजनों के लिए संबंधित क्षेत्र के अनुविभागीय दंडाधिकारी से अनुमति लेना अनिवार्य किया गया है। यदि कार्यक्रम का दायरा एक से अधिक अनुविभाग में आता है, तो इसके लिए अपर जिला दंडाधिकारी या उससे वरिष्ठ अधिकारी की मंजूरी लेनी होगी। साथ ही, यह सुनिश्चित करना होगा कि किसी भी गतिविधि से सामाजिक समरसता पर आंच न आए।

धारदार हथियारों और भड़काऊ बयानों पर भी पाबंदी

सार्वजनिक स्थलों और आयोजनों में किसी भी प्रकार के वैध या अवैध हथियार, जैसे तलवार, चाकू, छुरी या अन्य धारदार वस्तुएं ले जाने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। इसके अतिरिक्त, जनता के बीच विद्वेष फैलाने वाले भड़काऊ भाषण देने और आपत्तिजनक सामग्री का प्रचार-प्रसार करने वालों पर भी प्रशासन की कड़ी नजर रहेगी।

सोशल मीडिया गतिविधियों और ग्रुप एडमिन पर विशेष निगरानी

डिजिटल प्लेटफॉर्म पर फैलने वाली अफवाहों को रोकने के लिए फेसबुक, व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम, एक्स और टेलीग्राम जैसे माध्यमों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। कोई भी व्यक्ति ऐसा संदेश या पोस्ट साझा नहीं करेगा जिससे सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ता हो। इसके साथ ही विभिन्न सोशल मीडिया ग्रुपों के एडमिन की जवाबदेही तय की गई है; यदि किसी ग्रुप में आपत्तिजनक सामग्री आती है, तो एडमिन को उसे तुरंत हटाकर पुलिस को सूचित करना होगा, अन्यथा उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन ने यह कदम चंचल अंचल में पूर्व में हुई घटनाओं, जैसे अप्रैल 2018 के दौरान एससी-एसटी एक्ट से जुड़े विरोध प्रदर्शनों और सितंबर 2021 में सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा स्थापना को लेकर हुए दो समुदायों के संघर्ष को ध्यान में रखते हुए उठाया है। यह प्रतिबंधात्मक आदेश आगामी 13 नवंबर 2026 तक अथवा अगले आदेश तक, इनमें से जो भी पहले हो, पूरे मुरैना जिले में प्रभावी रहेगा और इसका उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।