सबलगढ़ में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी-मार्क्सवादी (माकपा) की जिला समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई, जिसमें केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ एक बड़े आंदोलन की घोषणा की गई। पार्टी का आरोप है कि सरकार की नीतियों के कारण किसानों को खाद की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
आंदोलन की रणनीति और मांगें
रविवार शाम को माकपा कार्यालय में आयोजित बैठक में पार्टी के प्रमुख पदाधिकारियों ने किसानों की समस्याओं के समर्थन में आंदोलन की रूपरेखा तैयार की। इस आंदोलन के तहत 16 और 17 जुलाई को जिले भर में 24 घंटे का धरना प्रदर्शन किया जाएगा। पार्टी का कहना है कि सरकार ने खाद आवंटन की प्रक्रिया को अनावश्यक रूप से जटिल बना दिया है, जिससे किसानों को खाद प्राप्त करने में भारी परेशानी हो रही है।
यह धरना-प्रदर्शन जिले के सभी तहसील मुख्यालयों पर आयोजित किया जाएगा। धरने के दौरान, माकपा के मुख्य कार्यकर्ता सरकार की नीतियों के विरोध में 24 घंटे की भूख हड़ताल पर भी बैठेंगे। पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने खाद की किल्लत को जल्द दूर नहीं किया और अपनी किसान विरोधी नीतियों में बदलाव नहीं किया, तो आंदोलन को और अधिक उग्र रूप दिया जाएगा।
बैठक में अन्य मुद्दों पर भी चर्चा
बैठक की अध्यक्षता माकपा नेता अशोक तिवारी ने की, जबकि जिला सचिव मुरारी लाल धाकड़ ने प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। विचार-विमर्श के बाद, प्रतिवेदन को सर्वसम्मति से पारित किया गया। बैठक में स्थानीय मुद्दों, विशेषकर शहरी समस्याओं को लेकर भी एकजुट होकर संघर्ष चलाने का निर्णय लिया गया।
इस अवसर पर गयाराम सिंह धाकड़, महेश प्रजापति, ओमप्रकाश श्रीवास, राजेश गुप्ता, इब्राहिम शाह, आदिराम आर्य, सरवन लाल, अशोक कुमार, राजेंद्र सिंह, रेखा पचौरी और नरोत्तम सिंह नागर सहित कई प्रमुख पदाधिकारी मौजूद रहे।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!