मुरैना शहर के वार्ड क्रमांक 34 में स्थित तुलसी कॉलोनी के रहवासी पिछले लगभग पंद्रह दिनों से दूषित पेयजल आपूर्ति से परेशान हैं। उनके घरों में नलों से आने वाला पानी न केवल गंदा है, बल्कि उसमें तेज दुर्गंध भी आती है, जिससे उसका उपयोग करना मुश्किल हो गया है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह पानी इतना खराब है कि इसे पीना तो दूर, दैनिक घरेलू कार्यों जैसे खाना बनाने या नहाने-धोने में भी इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। इस स्थिति के कारण क्षेत्र में स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं ने भी जन्म ले लिया है।
शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं
कॉलोनी के लोगों ने बताया कि उन्होंने इस गंभीर समस्या को लेकर नगर निगम में कई बार शिकायतें दर्ज कराई हैं। अधिकारियों को मौखिक रूप से भी सूचित किया गया है, लेकिन पंद्रह दिन बीत जाने के बाद भी समस्या का समाधान करने या जांच के लिए कोई टीम मौके पर नहीं पहुंची है। इससे रहवासियों में प्रशासन के प्रति गहरी नाराजगी है।
बाजार से पानी खरीदने की मजबूरी
स्थानीय निवासी इशाक खान ने अपनी व्यथा बताते हुए कहा कि उन्हें मजबूरी में दूषित पानी का इस्तेमाल करना पड़ रहा है, जबकि छोटे बच्चों के लिए पीने का पानी बाजार से खरीदना पड़ता है। उन्होंने अपनी आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए कहा कि कब तक वे पानी खरीदकर लाते रहेंगे, यह एक बड़ी चुनौती है।
खान ने यह भी चिंता व्यक्त की कि दूषित पानी के कारण संक्रामक बीमारियां फैलने का खतरा है, जिससे छोटे बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है।
क्षेत्रवासियों ने नगर निगम से तत्काल पेयजल लाइन की जांच कराने, गंदे पानी की आपूर्ति बंद करने और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की है। साथ ही उन्होंने इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने की भी अपील की है।
निगम आयुक्त का आश्वासन
इस मामले पर नगर निगम आयुक्त सतेंद्र सिंह धाकरे ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि तुलसी कॉलोनी में दूषित पानी की समस्या है, तो इसकी जांच के लिए तुरंत एक टीम भेजी जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि सभी रहवासियों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!