स्थानीय निकाय द्वारा राजस्व वसूली के तहत सख्त कदम उठाते हुए सबलगढ़ के बस स्टैंड क्षेत्र में यह कार्रवाई की गई। लगभग 12 साल से लंबित चल रहे प्रीमियम और किराए के भुगतान को लेकर नगर पालिका ने यह सख्त रुख अपनाया है।

12 साल से अटका था बकाया भुगतान

नगर पालिका के रिकॉर्ड के अनुसार, करीब 12 वर्ष पूर्व नीलामी के जरिए ये दुकानें आवंटित की गई थीं। शुरुआती कुछ किस्तों का भुगतान करने के बाद आवंटियों ने शेष प्रीमियम राशि जमा नहीं की। इसके अलावा, किराया अनुबंध न होने के कारण नियमित रूप से किराए की अदायगी भी नहीं हो पा रही थी, जिससे कुल बकाया राशि करीब 11 लाख 50 हजार रुपए तक पहुंच गई।

मौके पर हुई वसूली और दी गई मोहलत

इस सीलिंग कार्रवाई के दौरान चार दुकानदारों ने मौके पर ही 2 लाख 65 हजार 500 रुपए की राशि जमा कराई। बाकी दुकानदारों को चेतावनी देते हुए नगर पालिका ने आगामी 28 अक्टूबर तक का समय दिया है, ताकि वे अपना पूरा बकाया चुका सकें।

मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) सौरभ जैतवार ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि हाल ही में कर्मचारियों द्वारा दीपावली पर वेतन भुगतान की मांग रखी गई थी। इसी दौरान नगर पालिका की आर्थिक तंगी और बस स्टैंड की दुकानों पर लंबे समय से फंसे बकाये का मामला सामने आया, जिसके बाद यह प्रशासनिक कदम उठाया गया।

बड़े डिफॉल्टर्स के नाम होंगे सार्वजनिक

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि तय समयसीमा यानी 28 अक्टूबर तक राशि जमा न करने पर दुकानें राजसात की जा सकती हैं। साथ ही, बड़े बकायादारों के नाम भी सार्वजनिक किए जाएंगे। जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ लोगों ने बिना प्रीमियम चुकाए ही दुकानें आगे किराए पर दे रखी हैं, जबकि इन दुकानों का मासिक किराया लगभग 500 रुपए तय है।