पति की मौत के बाद बैंक में अटकी राशि

सबलगढ़ थाना क्षेत्र का यह मामला सामने आने के बाद से इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। गणेशी बाई, जो कि स्व. भवानी शंकर मिश्र की पत्नी हैं, ने पुलिस को बताया कि उनके पति का देहांत 8 मई 2021 को हो गया था। उनके निधन के पश्चात यूको बैंक और कोऑपरेटिव बैंक के खातों में करीब 11 लाख रुपए जमा हैं, जिन्हें निकालने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है।

इलाज के अभाव में बिगड़ रही बुजुर्ग की तबीयत

पीड़िता गणेशी बाई की शारीरिक और आर्थिक स्थिति इन दिनों काफी दयनीय बनी हुई है। उन्हें अपनी गंभीर बीमारी के इलाज और रोजाना के भरण-पोषण के लिए पैसों की बेहद आवश्यकता है। आरोप है कि उनका बड़ा बेटा लीला कृष्ण मिश्र, जो कि पेशे से वकील है, अपनी कानूनी जानकारी और रसूख का फायदा उठाकर बैंक से राशि निकालने में जानबूझकर अदालत में आपत्तियां दर्ज करवा रहा है।

मां का कहना है कि पैसे न मिलने के कारण वह अपना ढंग से इलाज तक नहीं करा पा रही हैं, जिससे उनकी जान पर लगातार खतरा मंडरा रहा है। बेटे की इस उदासीनता के कारण वृद्ध मां को भारी मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा है।

पेट्रोल डालकर जिंदा जलाने की धमकी

मामला सिर्फ भरण-पोषण रोकने तक सीमित नहीं है, बल्कि बुजुर्ग मां ने गंभीर आरोप लगाए हैं कि उनका बेटा उनसे गाली-गलौज करता है। जब भी वह अपने हिस्से के पैसों या गुजर-बसर की मांग करती हैं, तो आरोपी बेटा उन पर पेट्रोल डालकर आग के हवाले करने की धमकी देता है। परिवार के अन्य लोगों ने भी पुलिस के सामने इन बयानों की पुष्टि की है।

थाना प्रभारी पंकज मुद्गल के दिशा-निर्देशों के आधार पर पुलिस ने इस मामले में त्वरित एक्शन लिया है। पुलिस ने 25 सितंबर को आरोपी वकील बेटे के विरुद्ध माता-पिता और वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम 2007 की धारा 24, भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296(बी) और धारा 351(3) के तहत एफआईआर दर्ज कर आगे की कानूनी जांच शुरू कर दी है।