ग्वालियर। शहर के शीतला सहाय सभागार में रविवार को साहित्य, पत्रकारिता और समाजसेवा से जुड़ा एक गरिमामय आयोजन देखने को मिला। वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी डॉ. केशव पांडे के व्यक्तित्व, कृतित्व और समाजहित में किए गए कार्यों पर आधारित पुस्तक"सफलता के साक्षी"का विधिवत लोकार्पण किया गया। समारोह में शहर के साहित्यकारों, शिक्षाविदों, वरिष्ठ पत्रकारों, चिकित्सकों, समाजसेवियों और विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिष्ठित हस्तियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सुप्रसिद्ध अभिनेता, गीतकार, संगीतकार और रंगकर्मी पियूष मिश्रा रहे, जबकि वरिष्ठ साहित्यकार श्रीधर पराड़कर ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। मंच पर विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. बी.आर. श्रीवास्तव और दीपक तोमर भी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं अतिथियों के स्वागत के साथ हुआ। इसके बाद डॉ. केशव पांडे के जीवन, पत्रकारिता, सामाजिक सरोकारों और जनसेवा की यात्रा पर आधारित एक विशेष डॉक्यूमेंट्री प्रदर्शित की गई। वृत्तचित्र में उनके संघर्ष, सामाजिक कार्यों और वर्षों की सक्रिय जनसेवा को दर्शाया गया, जिसे उपस्थित लोगों ने सराहा।
इसके बाद अतिथियों ने" सफलता के साक्षी" पुस्तक का विमोचन किया। पुस्तक में समाज के विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिष्ठित हस्तियों द्वारा डॉ. केशव पांडे के व्यक्तित्व, कार्यशैली और समाज के प्रति उनके समर्पण पर लिखे गए संस्मरण और विचार संकलित किए गए हैं।
मुख्य अतिथि पियूष मिश्रा ने अपने संबोधन में कहा कि पत्रकारिता केवल खबरें देने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की जिम्मेदारी भी है। उन्होंने कहा कि डॉ. केशव पांडे ने अपने कार्यों से यह साबित किया है कि समाज के प्रति समर्पण और ईमानदार प्रयास हमेशा लोगों के बीच सम्मान दिलाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे व्यक्तित्वों के जीवन और कार्यों को पुस्तकों के माध्यम से संरक्षित करना आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायक है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे श्रीधर पराड़कर ने कहा कि डॉ. केशव पांडे ने पत्रकारिता और समाजसेवा के क्षेत्र में जो पहचान बनाई है, वह अनुकरणीय है। उनके अनुसार यह पुस्तक केवल एक व्यक्ति की उपलब्धियों का दस्तावेज नहीं, बल्कि संघर्ष, सेवा और सामाजिक प्रतिबद्धता की प्रेरक गाथा है।
इस अवसर पर डॉ. बी.आर. श्रीवास्तव और दीपक तोमर सहित अन्य वक्ताओं ने भी डॉ. केशव पांडे के सामाजिक योगदान और जनसेवा की सराहना करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं। सभी वक्ताओं ने कहा कि समाज को ऐसे व्यक्तित्वों से प्रेरणा लेनी चाहिए, जो अपने कार्यों के माध्यम से लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास करते हैं।
अपने उद्बोधन में डॉ. केशव पांडे ने समारोह में उपस्थित सभी अतिथियों, सहयोगियों, पाठकों और नागरिकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज का विश्वास और स्नेह ही उनकी सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह पुस्तक युवाओं और समाज के लिए प्रेरणा का माध्यम बनेगी।
कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों एवं उपस्थित नागरिकों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। तालियों की गूंज और आत्मीय माहौल के बीच संपन्न हुआ यह समारोह ग्वालियर के साहित्यिक और सामाजिक जीवन का एक यादगार आयोजन बन गया।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!