राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के रामलीला मैदान में आगामी एक नवंबर को प्रस्तावित कांग्रेस की ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महारैली को लेकर अंचल में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इस राष्ट्रीय आयोजन में ग्वालियर से अधिक से अधिक कार्यकर्ताओं की मौजूदगी सुनिश्चित करने के लिए पार्टी नेतृत्व ने रूपरेखा तैयार करना शुरू कर दिया है।

दिग्गज नेताओं ने संभाली कमान

इस सिलसिले में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के पर्यवेक्षक चंद्रकांत हांडोरे, पूर्व सांसद प्रताप भानु शर्मा और प्रदेश प्रभारी पीसी शर्मा विशेष रूप से ग्वालियर पहुंचे। इन वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में स्थानीय कांग्रेस भवन में शहर और ग्रामीण इकाइयों की एक संयुक्त बैठक संपन्न हुई, जिसमें संगठन की तैयारियों की समीक्षा की गई।

बैठक के दौरान उपस्थित पदाधिकारियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गईं ताकि रैली के लिए सुचारू व्यवस्था बनाई जा सके। शाम के समय इन नेताओं ने मीडिया से भी संवाद किया और आयोजन के उद्देश्यों पर विस्तार से अपनी बात रखी। नेताओं का मुख्य जोर कार्यकर्ताओं के बीच आपसी तालमेल बिठाने और रैली को सफल बनाने पर रहा।

लोकतांत्रिक मूल्यों और निष्पक्षता पर जोर

चर्चा के दौरान कांग्रेस नेताओं ने चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता, मतदाता अधिकारों और लोकतांत्रिक ढांचे से जुड़े कई गंभीर मुद्दे उठाए। पार्टी ने सत्ता पक्ष पर वोट चोरी के संगीन आरोप लगाते हुए निर्वाचन आयोग से अपील की है कि वह चुनावी प्रणाली में पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही तय करे।

कांग्रेस का तर्क है कि देश के लोकतंत्र को बचाने के लिए मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा और निष्पक्ष चुनाव व्यवस्था का होना अनिवार्य है। पार्टी इन्हीं तमाम चिंताओं और मुद्दों को आगामी महारैली के माध्यम से राष्ट्रीय पटल पर पुरजोर तरीके से रखेगी।

ग्वालियर से बड़ी संख्या में जाएंगे कार्यकर्ता

स्थानीय संगठन को पूरी तरह सक्रिय करने के लिए बैठकों का दौर जारी है। संयुक्त बैठक में कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर काम करने का आह्वान किया गया। कांग्रेस नेताओं ने दावा किया है कि ग्वालियर जिले से भारी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और पदाधिकारी दिल्ली पहुंचकर इस महारैली का हिस्सा बनेंगे।