ग्वालियर में पिछले साल हुए एक सनसनीखेज हत्याकांड में स्थानीय अदालत ने कड़ा फैसला सुनाया है। पुराने विवाद के चलते रेलवे स्टेशन के बाहर युवक की पत्थर से कुचलकर हत्या करने के मामले में दोषी को आजीवन कारावास की सजा मिली है।

अदालत ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा

द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश विवेक कुमार सिंह की अदालत ने सेवानगर निवासी आकाश जाटव उर्फ लल्ला को हत्या का दोषी करार दिया। कोर्ट ने उसे उम्रकैद की सजा सुनाने के साथ ही पांच हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। इस मामले की पैरवी विशेष लोक अभियोजक विमल किशोर चंदवारिया द्वारा की गई।

रेलवे स्टेशन के बाहर दिया गया था वारदात को अंजाम

यह खौफनाक वारदात 9 नवंबर 2025 की रात को ग्वालियर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-4 के बाहर एंट्री रोड से सटी बाउंड्री के पास हुई थी। जीआरपी को मौके पर एक युवक का शव मिला था, जिसके सिर पर गहरे घाव थे और पास ही खून से सना हुआ भारी पत्थर भी बरामद हुआ था।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई और मर्ग कायम कर जांच शुरू की। पुलिस ने आसपास के कई सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जिससे वारदात की परतें खुलती चली गईं।

फुटेज और गवाहों के बयानों से खुला राज

सीसीटीवी फुटेज की जांच करने पर रात करीब 8 बजकर 16 मिनट पर मृतक का एक व्यक्ति से विवाद होने का खुलासा हुआ। एक प्रत्यक्षदर्शी ने पुलिस को बताया कि हाथापाई के दौरान ग्रे टी-शर्ट पहने युवक जमीन पर गिर गया, जिसके बाद हमलावर ने भारी पत्थर से उसके सिर पर तीन बार वार किए और मौके से फरार हो गया।

अगले दिन मृतक की शिनाख्त सेवानगर के रहने वाले 26 वर्षीय शिवम यादव के रूप में हुई। मृतक के भाई अमन यादव ने जब सीसीटीवी फुटेज देखी तो उसने तुरंत आरोपी की पहचान अपने ही मोहल्ले के आकाश उर्फ लल्ला जाटव के तौर पर कर ली।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी सिर पर आई गंभीर चोटों को ही मौत की मुख्य वजह बताया गया था। पुलिस ने जांच के दौरान पुरानी रंजिश के एंगल को पुख्ता करते हुए कोर्ट में सीसीटीवी फुटेज, मजबूत साक्ष्य और गवाहों के बयान पेश किए, जिनके आधार पर अदालत ने आरोपी को सजा सुनाई।