राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में शनिवार को निर्धारित एक राजनीतिक प्रदर्शन के चलते देश के विभिन्न हिस्सों से वहां जाने वाली रेल यातायात व्यवस्था पर विपरीत असर पड़ा है। इस स्थिति का सीधा प्रभाव मध्यप्रदेश से दिल्ली आने-जाने वाले मुख्य रेल मार्गों पर भी देखा जा रहा है।
प्रमुख शहरों से दिल्ली जाने वाली ट्रेनें प्रभावित
प्रदेश के ग्वालियर, इंदौर, भोपाल, जबलपुर, उज्जैन और रतलाम जैसे प्रमुख शहरों से दिल्ली की दिशा में संचालित होने वाली दस से अधिक रेलगाड़ियों को नौ और दस अक्टूबर के लिए पूरी तरह रद्द कर दिया गया है। दिल्ली जाने वाली गाड़ियां निरस्त होने के कारण वापसी की दिशा में चलने वाली ट्रेनें भी प्रभावित हुई हैं, जिससे पूरे प्रदेश का रेल संचालन गड़बड़ा गया है।
ग्वालियर स्टेशन पर यात्रियों की बढ़ी परेशानी
चूंकि ग्वालियर दिल्ली रूट का एक अति महत्वपूर्ण जंक्शन है और दक्षिण भारत से आने वाली अधिकांश ट्रेनें आगरा-मथुरा के रास्ते यहीं से होकर गुजरती हैं, इसलिए कैंसिलेशन का सबसे ज्यादा असर यहां के मुसाफिरों पर पड़ा है। महाकौशल एक्सप्रेस, गोंडवाना एक्सप्रेस, शान-ए-भोपाल एक्सप्रेस, एमपी संपर्क क्रांति, यूपी संपर्क क्रांति और राजधानी एक्सप्रेस जैसी महत्वपूर्ण गाड़ियां दस अक्टूबर को नहीं चलेंगी, जिससे आरक्षित टिकट वाले यात्री खासे परेशान हैं।
यात्रियों का कहना है कि अचानक ट्रेनें रद्द होने से उनके जरूरी काम अटक गए हैं और उन्हें मजबूरन सामान्य डिब्बों में या अन्य वैकल्पिक साधनों से सफर करना पड़ रहा है। ग्वालियर निवासी संजय कुशवाह ने बताया कि वे दिल्ली से लौट रहे थे और उनका महाकौशल एक्सप्रेस में रिजर्वेशन था, लेकिन ट्रेन रद्द मिलने पर उन्हें जनरल टिकट पर सफर करना पड़ा।
रेलवे स्टेशनों पर बढ़ाई गई सुरक्षा व्यवस्था
हालातों के मद्देनजर रेल मंत्रालय और स्थानीय पुलिस प्रशासन को कड़े निर्देश दिए गए हैं। रेलवे स्टेशनों से लेकर बस अड्डों तक कड़ी चौकसी बरती जा रही है। ग्वालियर जीआरपी ब्रॉडगेज थाना प्रभारी दीपशिखा ने जानकारी दी कि स्टेशन परिसरों में अतिरिक्त बल तैनात किया गया है और आने-जाने वाले प्रत्येक संदिग्ध व्यक्ति पर पैनी नजर रखी जा रही है ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!