ग्वालियर शहर में नौकरी की तलाश में जुटी एक 25 वर्षीय महिला के साथ गंभीर धोखाधड़ी और यौन उत्पीड़न की वारदात सामने आई है। पीड़िता का आरोप है कि एक व्यक्ति ने अपनी पहचान छिपाकर उसे पहले अपने जाल में फंसाया और फिर दफ्तर में बुलाकर इस जघन्य कृत्य को अंजाम दिया। घटना के बाद से इलाके में सनसनी फैल गई है और स्थानीय पुलिस इस पूरे मामले की गहनता से जांच-पड़ताल कर रही है।
होटल में हुई थी पहली मुलाकात और नौकरी का ऑफर
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, पुरानी छावनी इलाके के स्टोन पार्क की रहने वाली यह महिला बीते अगस्त महीने में रोजगार की तलाश के सिलसिले में इंदरगंज स्थित 'द ग्रांड' होटल गई थी। वहीं पर उसकी मुलाकात एक व्यक्ति से हुई जिसने खुद को तुषार अग्रवाल बताया था। आरोपी ने संजय कॉम्प्लेक्स स्थित अपने कार्यालय में साफ-सफाई और चाय-पानी के लिए कर्मचारी की आवश्यकता बताई थी और आठ से दस हजार रुपये मासिक वेतन देने का लालच दिया था।
एडवांस रकम देने के बहाने दफ्तर बुलाकर की दरिंदगी
पीड़िता ने पुलिस को बताया कि गत 30 सितंबर की शाम करीब छह बजे आरोपी ने उसे काम समझाने और एडवांस राशि देने के नाम पर संजय कॉम्प्लेक्स स्थित अपने ऑफिस में बुलाया था। जब महिला वहां पहुंची, तो आरोपी उसे बहला-फुसलाकर ऊपरी मंजिल पर बने एक कमरे में ले गया। जब महिला ने पैसे लेकर तुरंत लौटने की बात कही, तो आरोपी ने कमरे का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया और उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया।
विरोध करने और शोर मचाने की कोशिश करने पर आरोपी ने उसे जान से मारने की धमकी दी और जातिसूचक गालियां देकर वहां से भगा दिया। घटना के बाद पीड़िता ने घर पहुंचकर रोते हुए अपने पति को पूरी आपबीती सुनाई। शुरुआत में डरी-सहमी महिला ने पति की हिम्मत बंधाने के बाद पुलिस की शरण ली।
तुषार अग्रवाल नहीं, बल्कि अरुण रावत निकला आरोपी
जांच के दौरान यह भी खुलासा हुआ कि जिस शख्स ने खुद को तुषार अग्रवाल बताकर महिला को अपने झांसे में लिया था, उसका वास्तविक नाम अरुण रावत है। आरोपी की धमकियों के कारण पीड़ित परिवार काफी दहशत में था, लेकिन आखिरकार सोमवार को महिला ने इंदरगंज थाने पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज कराई।
इस संबंध में इंदरगंज सर्किल के सीएसपी रोबिन जैन ने मीडिया को जानकारी दी कि पीड़िता की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए आरोपी अरुण रावत के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 64(1), 296, 351(3) के साथ-साथ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम यानी एससी-एसटी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब फरार आरोपी की तलाश में जुट गई है और जल्द ही उसकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!