ग्वालियर अंचल में हाल ही में हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे ने एक मध्यमवर्गीय परिवार की उम्मीदों को पूरी तरह तोड़कर रख दिया है। शहर के रहने वाले विद्याराम राठौर के 21 वर्षीय बेटे पवन की इस दुर्घटना में मौत हो गई है, जिसके चलते पूरा परिवार गहरे सदमे में है।
बेटा डॉक्टर बने, इसके लिए पिता ने गिरवी रख दिया था मकान
विद्याराम राठौर अपने बेटे पवन को डॉक्टर बनाने का सपना देख रहे थे। पवन ग्वालियर से बीएचएमएस की पढ़ाई कर रहा था। उसकी पढ़ाई का खर्च उठाने और घर चलाने के लिए पिता ने अपना मकान तक गिरवी रख दिया था और दूसरों की जमीन बटाई पर लेकर खेती कर रहे थे।
शीतला माता मंदिर दर्शन के लिए जाते वक्त हुआ हादसा
घटना 17 अक्टूबर की रात की है, जब पवन अपने दोस्तों के साथ शीतला माता मंदिर के दर्शन के लिए पैदल जा रहा था। मां के मना करने के बावजूद वह जाने की जिद कर बैठा था। किसी को इस बात का अंदेशा नहीं था कि यह उसकी आखिरी यात्रा साबित होगी।
हमने सोचा था कि पवन पढ़कर बड़ा डॉक्टर बनेगा और हमारे बुढ़ापे का सहारा बनेगा, लेकिन भगवान ने हमारी वही लाठी छीन ली।
नो एंट्री में घुसे बेकाबू ट्रक ने कुचला
मंदिर के पास पहुंचने पर जब पवन ने स्नान करने की बात कही, तभी चीनौर की तरफ से आ रहे एक तेज रफ्तार और अनियंत्रित ट्रक ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी भीषण थी कि पवन उछलकर दुकान में जा गिरा और ट्रक उसके ऊपर से निकल गया।
इस दुखद हादसे में केवल पवन की जान नहीं गई, बल्कि उसके माता-पिता का भविष्य भी अंधेरे में डूब गया है। परिवार पर अब गिरवी रखे मकान का कर्ज चुकाने का भारी संकट आन पड़ा है, और पीड़ित पिता ने प्रशासन से बड़े बेटे के लिए नौकरी की गुहार लगाई है ताकि परिवार को कुछ संबल मिल सके।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!