ग्वालियर जिले के बिजौली थाना अंतर्गत श्यावरी गांव में निर्माणाधीन सड़क पर हाइड्रा की चपेट में आने से जेठ और बहू की मौत का मामला बुधवार को तूल पकड़ गया। घटना से नाराज परिजन, समाज के लोग और ग्रामीण पोस्टमार्टम के बाद दोनों के शव लेकर सीधे वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कार्यालय पहुंच गए।
एसएसपी कार्यालय के गेट पर किया प्रदर्शन
कार्यालय के मुख्य गेट पर शव रखकर किए गए इस प्रदर्शन के कारण मुख्य द्वार करीब एक घंटे तक पूरी तरह बंद रहे। सम्यक समाज संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष लाखन बौद्ध के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन के दौरान आरोप लगाया गया कि हाइड्रा चालक की भारी लापरवाही से यह दुर्घटना हुई, लेकिन पुलिस इस मामले में लीपापोती कर रही है।
एएसपी ने दिया निष्पक्ष जांच का आश्वासन
प्रदर्शन के वक्त एसएसपी धर्मवीर सिंह कार्यालय में मौजूद नहीं थे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) जयराज कुबेर मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से चर्चा की। उन्होंने मामले की पूरी निष्पक्षता से जांच करवाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया, जिसके बाद लोग शांत हुए।
यह पूरा घटनाक्रम मंगलवार को हुए उस हादसे से जुड़ा है, जिसमें सातलपुर के रहने वाले बिजेंद्र जाटव अपने छोटे भाई की पत्नी चमेली के साथ बाइक पर सवार होकर कहीं जा रहे थे। श्यावरी गांव के पास सड़क निर्माण के दौरान गिट्टी फैला रही एक हाइड्रा मशीन अचानक पीछे आ गई और उनकी बाइक उसकी चपेट में आ गई।
इस भीषण हादसे में बिजेंद्र जाटव की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि गंभीर रूप से घायल चमेली ने अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया था। इस दुर्घटना के तुरंत बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने निर्माण कंपनी के हाइड्रा, डंपर और ट्रॉले को आग के हवाले कर दिया था।
पुलिस प्रशासन ले रहा है शिकायतों को संज्ञान में
मंगलवार को भी गणेशपुरा-अमायन मार्ग पर शव रखकर करीब दो घंटे तक चक्काजाम किया गया था, जिसे प्रशासनिक अधिकारियों की समझाइश के बाद खोला गया था। एएसपी जयराज कुबेर ने स्पष्ट किया है कि परिजनों द्वारा लगाए गए सभी आरोपों और शिकायतों को गंभीरता से लिया जा रहा है तथा तथ्यात्मक जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!