ग्वालियर नगर निगम मुख्यालय में आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई में शहर के विभिन्न इलाकों से लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। इस दौरान मुख्य रूप से सीवर लाइन, खराब सड़कें, पेयजल आपूर्ति और मकान विवाद के मामले प्रमुखता से उठाए गए। स्थानीय निवासियों और जनप्रतनिधियों ने अधिकारियों के सामने अपनी परेशानियां रखीं और त्वरित समाधान की मांग की।

वार्ड 17 में बुनियादी सुविधाओं का अभाव, सात दिन का अल्टीमेटम

वार्ड क्रमांक 17 की पार्षद किरण वर्मा और उनके पति धर्मेंद्र वर्मा ने निगम आयुक्त के नाम ज्ञापन सौंपकर क्षेत्र की गंभीर समस्याओं की ओर ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने बताया कि इलाके में क्षतिग्रस्त सीवर लाइनें और सड़कों पर बने बड़े-बड़े गड्ढे आम नागरिकों के लिए मुसीबत बन चुके हैं। आरा मिल क्षेत्र में पुरानी सीवर लाइन को जोड़ने और पाताली हनुमान मंदिर से कांच मिल तक नई लाइन डालने की मांग लंबे समय से की जा रही है।

धर्मेंद्र वर्मा ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के बड़े भाई स्वर्गीय देवेंद्र तोमर के नाम पर घोषित मार्ग के भूमि पूजन को दो साल बीत चुके हैं, लेकिन आज तक सड़क का निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है। इन गड्ढों के कारण आए दिन लोग दुर्घटनाओं में चोटिल हो रहे हैं, यहां तक कि आपात स्थिति में एंबुलेंस को भी निकलने में भारी परेशानी उठानी पड़ती है।

दीपावली के बाद आंदोलन की चेतावनी

पार्षद प्रतिनिधि ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि सात दिन के भीतर समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो दीपावली के बाद स्थानीय नागरिकों के साथ मिलकर ऊर्जा मंत्री के बंगले का घेराव किया जाएगा और धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इस पर अपर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि सीवर लाइन का काम पूरा होने के तुरंत बाद ही सड़क निर्माण का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।

मुरार के ठेला कारोबारियों ने उठाई हॉकर्स जोन की मांग

जनसुनवाई में मुरार के हाथ ठेला कारोबारियों ने भी अपनी आवाज बुलंद की। हाट-ठेला फुटपाथ व्यवसायी संघ के अध्यक्ष बृजेश दुबे के नेतृत्व में पहुंचे दुकानदारों ने नगर निगम की कार्रवाई और कथित अवैध वसूली पर नाराजगी जताई। उनका कहना था कि गरीब दुकानदारों को आए दिन परेशान किया जाता है और उनके ठेले जब्त कर लिए जाते हैं। लगभग एक सदी से कारोबार कर रहे इन व्यापारियों ने क्षेत्र में एक स्थायी और व्यवस्थित हॉकर्स जोन बनाए जाने की मांग की है।

पैतृक मकान के विवाद पर भी हुई चर्चा

जनसुनवाई के दौरान काशीराम नाम के व्यक्ति ने अपने पैतृक मकान के विवाद का मामला उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी अनुपस्थिति में उनके घर पर अवैध रूप से शौचालय का निर्माण कर लिया गया है। इस मामले में अपर आयुक्त प्रदीप तोमर ने बताया कि जांच में यह पाया गया है कि संबंधित शौचालय करीब 40 से 50 साल पुराना है और इस संबंध में शिकायतकर्ता को पहले भी कई बार वस्तुस्थिति समझाई जा चुकी है।