ग्वालियर शहर के पड़ाव थाना क्षेत्र स्थित एमएलबी कॉलोनी के एक गर्ल्स हॉस्टल में बीते 30 जुलाई को हुई छात्रा की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। मुरैना जिले के सबलगढ़ की रहने वाली 22 वर्षीय विशाखा शाक्य ने हॉस्टल के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। पुलिस की लंबी जांच-पड़ताल और साक्ष्य जुटाने के बाद अब इस मामले में मृतका के प्रेमी के खिलाफ आपराधिक धाराओं में केस दर्ज किया गया है।

प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी के लिए रह रही थी ग्वालियर

मृतका विशाखा शाक्य मूल रूप से सबलगढ़ के बधरैंटा गांव की निवासी थी। वह ग्वालियर में रहकर कर्मचारी चयन आयोग (SSC) और मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MP-PSC) की परीक्षाओं की तैयारी में जुटी हुई थी। कुछ ही समय पहले उसने एमएलबी कॉलोनी स्थित 'आयाम' गर्ल्स हॉस्टल में कमरा लिया था और वहीं रहने लगी थी। घटना वाले दिन उसकी रूम पार्टनर शहर से बाहर गई हुई थी, जिसके चलते वह कमरे में अकेली थी। काफी वक्त तक जब कमरे का दरवाजा नहीं खुला, तो हॉस्टल संचालक ने इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी थी।

कॉल डिटेल और बयानों से खुला राज

घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने जब कमरे का दरवाजा तोड़ा, तो विशाखा का शव फंदे पर लटका मिला था। पुलिस ने मामले की गंभीरता से छानबीन करते हुए आरोपी युवक आयुष शाक्य के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) खंगाली। जांच में सामने आया कि घटना से ठीक पहले और खुदकुशी वाले दिन विशाखा और आयुष के बीच लगातार फोन पर बातचीत हुई थी। पुलिस के मुताबिक, 29 जुलाई को दोनों के बीच शादी के मुद्दे पर तीखी बहस भी हुई थी। हॉस्टल संचालकों ने भी पुलिस को दिए बयानों में बताया था कि मृतका अक्सर किसी युवक से फोन पर लंबी बात करती थी और शादी को लेकर तनाव में दिखाई देती थी।

शादी से इनकार करने पर उठाया खौफनाक कदम

परिजनों ने पुलिस को दिए बयानों में खुलासा किया कि विशाखा ने आयुष से साफ कह दिया था कि यदि उसने शादी नहीं की, तो वह अपनी जिंदगी खत्म कर लेगी। परिजनों का आरोप है कि इस बात की जानकारी होने के बावजूद आयुष ने उससे शादी करने से साफ इनकार कर दिया। दोनों परिवारों को उनके प्रेम संबंधों की पहले से जानकारी थी। पुलिस ने परिजनों के इन गंभीर आरोपों और तकनीकी साक्ष्यों को आधार बनाते हुए आरोपी आयुष शाक्य के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा के तहत मामला पंजीकृत कर लिया है।

पड़ाव थाना प्रभारी शैलेंद्र भार्गव ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि शुरुआती जांच और सीडीआर के आधार पर आरोपी आयुष शाक्य के विरुद्ध धारा 108 के तहत आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का अपराध कायम किया गया है। घटना के बाद से ही आरोपी फरार चल रहा है, जिसकी तलाश में पुलिस की टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।