अंचल में पिछले 48 घंटों से जारी लगातार बारिश ने शहर के जनजीवन को पूरी तरह से प्रभावित कर दिया है। शहर की पॉश कॉलोनियों से लेकर निचली बस्तियों तक में पानी भर जाने से आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। शिव विहार कॉलोनी और जिला न्यायालय परिसर के आसपास घुटनों तक पानी जमा होने से राहगीरों और कोर्ट आने-जाने वालों को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
कलेक्टर ने खुद संभाला मोर्चा और किया निरीक्षण
शहर के मुख्य 'गोले का मंदिर' चौराहे पर पानी भरने के बाद स्थिति का जायजा लेने के लिए कलेक्टर रुचिका चौहान स्वयं मौके पर पहुंचीं। उन्होंने जलभराव वाले क्षेत्र में उतरकर स्थिति का मुआयना किया और मौके पर मौजूद अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से पानी की निकासी के सख्त निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त मशीनें किराए पर ली जाएं और रास्तों में आ रहे अस्थायी अतिक्रमण को तुरंत हटाया जाए। हालांकि प्रशासन की यह सक्रियता नजर आई, लेकिन हर साल मानसून में उत्पन्न होने वाले इन हालातों ने नगर निगम की कार्यशैली पर एक बार फिर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रमुख मार्गों पर लगा लंबा जाम और निचली बस्तियों में बढ़ी दिक्कतें
बारिश का कहर गोले का मंदिर चौराहा के अलावा नारायण विहार, डीडी नगर, रेलवे स्टेशन रोड, झांसी रोड, जयेन्द्रगंज, जगदीश नगर, दर्पण कॉलोनी, पीएचई कॉलोनी, निगम मुख्यालय, बाल भवन, फायर ब्रिगेड कार्यालय, नदी गेट और फूलबाग जैसे प्रमुख इलाकों में भी साफ दिखाई दिया। इन सभी मुख्य मार्गों पर जलभराव के कारण यातायात बुरी तरह ठप हो गया और लोग घंटों तक जाम में फंसे रहे।
दूसरी ओर, निचली बस्तियों में हालात सबसे ज्यादा चिंताजनक बने हुए हैं, जहां पानी लोगों के घरों के अंदर तक घुस गया है जिससे घरेलू सामान खराब हो गया है। स्थानीय रहवासियों का सीधा आरोप है कि मानसून पूर्व नगर निगम द्वारा नालों और सीवर लाइनों की समुचित सफाई नहीं कराई गई थी, जिसके कारण आज कचरे और गाद से अटी नालियां पानी का निकास नहीं कर पा रही हैं।






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बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!