ग्वालियर में रोशनी के पर्व दीपावली से ठीक पहले शहर की सफाई व्यवस्था पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। नगर निगम के अंतर्गत काम करने वाले आउटसोर्स सफाई कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर कड़ा रुख अपना लिया है।

2 नवंबर से अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार की चेतावनी

नाराज कर्मचारियों ने रविवार को चेतावनी दी कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान समय रहते नहीं किया गया, तो वे आगामी 2 नवंबर से शहरभर में सफाई कार्य पूरी तरह ठप कर देंगे। कर्मचारियों का आरोप है कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर अधिकारियों और प्रशासन को ज्ञापन सौंप रहे हैं, लेकिन उनकी अनदेखी की जा रही है।

मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सफाई मजदूर कामगार प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट जयराज सिंह चौहान के अनुसार, गत 16 अक्टूबर से ही निगम सेवाओं से जुड़े विभिन्न वर्गों में असंतोष व्याप्त है। इस आंदोलन में आउटसोर्स, विनियमित और अन्य सफाई कामगार शामिल हैं।

27 अक्टूबर को महापौर के साथ होगी उच्चस्तरीय चर्चा

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन हरकत में आया है। राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय महामंत्री राकेश चौहान ने भी स्पष्ट कर दिया है कि प्रशासन के अड़ियल रवैये के कारण कर्मचारियों के पास हड़ताल के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा और इसकी पूरी जिम्मेदारी निगम प्रशासन की होगी।

हालांकि, इस गतिरोध को समाप्त करने के लिए 27 अक्टूबर को शाम 4 बजे महापौर डॉ. शोभा सिकरवार ने कर्मचारियों के प्रतिनिधियों को बातचीत के लिए बुलाया है। महापौर ने भरोसा दिलाया है कि वे कर्मचारियों के साथ खड़ी हैं और उनकी मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए हरसंभव समाधान निकाला जाएगा।