शून्य नदी और व्यारमा तट पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

बनवार क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले रोंड महादेव घाट यानी शून्य नदी और व्यारमा नदी के बड़े घाट पर इन दिनों तर्पण करने वालों का तांता लगा हुआ है। पितरों को याद करने और उनकी मोक्ष प्राप्ति की कामना को लेकर यहां बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं।

अलसुबह से ही शुरू हो गया स्नान और अनुष्ठान

भोर होते ही रोंड, मझगवां मानगढ़, पटना मानगढ़ समेत आसपास के तमाम ग्रामीण इलाकों से लोग पवित्र नदियों के घाटों पर जुटने लगे। यहां पहुंचने वाले श्रद्धालुओं ने सबसे पहले नदियों के पावन जल में डुबकी लगाई और इसके बाद पूरी श्रद्धा के साथ अनुष्ठान शुरू किए।

घाटों पर पहुंचे लोगों ने अपने दिवंगत पूर्वजों की तृप्ति और आत्मा की शांति के लिए विधि-विधान से श्राद्ध, पिंडदान और तर्पण किया। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार शून्य नदी के इस पवित्र तट पर तर्पण करने से पूर्वजों को बैकुंठ में मोक्ष की प्राप्ति होती है।

तीर्थ पुरोहितों ने संपन्न कराया धार्मिक अनुष्ठान

शून्य नदी के पावन तट पर तर्पण और पिंडदान करने से पूर्वजों को मोक्ष की प्राप्ति होती है, जिसका विशेष धार्मिक महत्व है।

श्रद्धालुओं को इस धार्मिक अनुष्ठान को पूरा कराने के लिए तीर्थ पुरोहित पंडित बृजेश तिवारी ने विशेष भूमिका निभाई। उन्होंने सभी यजमानों को वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूरी विधि-विधान से पूजन कराया और उनके हाथों से पितरों को जलांजलि दिलवाई।