ग्वालियर में पुलिस की लचर कार्यशैली और कमजोर विवेचना के चलते एक बार फिर एनडीपीएस एक्ट का मामला अदालत में टिक नहीं पाया। विशेष एनडीपीएस कोर्ट ने 101 ग्राम अवैध स्मैक बरामदगी से जुड़े प्रकरण में झांसीरोड थाना पुलिस की गंभीर लापरवाहियों और विरोधाभासी साक्ष्यों को आधार बनाते हुए दोनों आरोपियों को बरी कर दिया है।
लैब में पाउडर और कोर्ट में कैसे बन गए टुकड़े
इस पूरे मामले में सबसे हैरान करने वाला पहलू जब्त मादक पदार्थ के बदलते स्वरूप का रहा। पुलिस ने शुरुआती कार्रवाई के दौरान दावा किया था कि मौके से स्मैक गांठ या टुकड़ों के रूप में जब्त की गई थी। हालांकि, जब इस सैंपल को एफएसएल लैब भेजा गया तो वहां वह भूरे रंग के पाउडर के रूप में दर्ज हुआ। सबसे बड़ा विरोधाभास तब सामने आया जब लैब से लौटने के बाद वही सैंपल अदालत में पेश किया गया, तो वह पाउडर फिर से ठोस टुकड़ों की शक्ल ले चुका था।
अदालत ने की कड़ी टिप्पणी, डीजीपी को जांच के निर्देश
सुनवाई के दौरान विशेष न्यायाधीश नवनीत कुमार वालिया की अदालत ने इस अजीब स्थिति पर गहरी आपत्ति जताई। कोर्ट ने अपनी तल्ख टिप्पणी में कहा कि प्राकृतिक रूप से समय बीतने पर टुकड़े पाउडर तो बन सकते हैं, लेकिन बिना किसी बाहरी मानवीय हस्तक्षेप के पाउडर का वापस टुकड़ों में बदलना नामुमकिन है। अदालत ने इसे मालखाने की सुरक्षा में सेंध और गंभीर गड़बड़ी माना है।
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष न्यायालय ने विवेचना अधिकारी निरीक्षक जीएस धाकड़ के संदिग्ध आचरण को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) को पत्र लिखकर संबंधित विवेचक के खिलाफ विभागीय जांच शुरू करने के सख्त निर्देश जारी किए हैं।
वर्ष 2023 का है पूरा मामला
अभियोजन पक्ष के अनुसार यह पूरी कार्रवाई 15 मई 2023 को झांसीरोड थाना क्षेत्र के अंतर्गत की गई थी। उस वक्त थाना प्रभारी शैलेंद्र भार्गव ने पुलिस बल के साथ सिंधिया कन्या विद्यालय के गेट नंबर-2 के पास चेकिंग अभियान चलाया था। इसी दौरान श्याम किशोर शर्मा को दबोचकर उसके पास रखे काले बैग से 101 ग्राम स्मैक जब्त करने का दावा किया गया था। पुलिस ने पूछताछ के आधार पर बाद में राहुल नागर को भी सह-आरोपी बनाते हुए अदालत में चालान पेश किया था, जो अब सबूतों की कमी और पुलिसिया चूक के चलते खारिज हो गया।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!