ग्वालियर में नागरिकों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले अनाधिकृत और बिना पंजीयन के संचालित होने वाले चिकित्सा केंद्रों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने सख्त तेवर अपना लिए हैं। इसी क्रम में बुधवार को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के अमले ने शहर के दो अलग-अलग क्षेत्रों में औचक निरीक्षण की कार्रवाई को अंजाम दिया।
पिंटो पार्क में बिना पंजीयन चल रहा था बंगाली क्लीनिक
छापेमार कार्रवाई की शुरुआत करते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम सबसे पहले पिंटो पार्क इलाके में पहुंची। यहां संचालित 'डॉ. बी.के. विश्वास बंगाली क्लीनिक' की जांच की गई, तो संचालक बिना किसी वैध चिकित्सीय पंजीयन के एलोपैथी पद्धति के जरिए बवासीर, फिशर और फिस्टुला जैसी गंभीर बीमारियों का उपचार करते पाए गए। सीएमएचओ कार्यालय के रिकॉर्ड में इस संस्थान का कोई वैध रजिस्ट्रेशन दर्ज नहीं था, जिसके बाद टीम ने तत्काल प्रभाव से इसे बंद करवा दिया।
थाटीपुर में बीएएमएस डॉक्टर दे रहे थे खतरनाक स्टेरॉयड
विभाग की दूसरी कार्रवाई थाटीपुर क्षेत्र के 60 फुटा रोड पर स्थित 'अमित शर्मा क्लीनिक' पर की गई। इस क्लीनिक का संचालन अमित शर्मा द्वारा किया जा रहा था, जिनके पास बीएएमएस (आयुर्वेद) की डिग्री थी। हालांकि, जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि वे आयुर्वेद की डिग्री होने के बावजूद धड़ल्ले से एलोपैथिक दवाएं लिख रहे थे और मरीजों को गंभीर एवं नुकसानदेह स्टेरॉयड टैबलेट्स दे रहे थे।
नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी
आयुष चिकित्सक द्वारा एलोपैथिक पद्धति का उपयोग करने और तय नियमों का गंभीर उल्लंघन पाए जाने पर इस क्लीनिक को भी मौके पर ही सील कर दिया गया।
इस पूरी कार्रवाई को लेकर ग्वालियर के सीएमएचओ डॉ. एम.एस. सागर ने स्पष्ट किया है कि शहर में बिना वैध रजिस्ट्रेशन और निर्धारित योग्यता के बिना एलोपैथी का अभ्यास करने वाले झोलाछाप तथा अनाधिकृत चिकित्सकों के विरुद्ध यह अभियान निरंतर जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि आम जनता के जीवन के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!