तीन हजार घटिया ड्राइवर किए गए रिजेक्ट

शहर में प्रकाश व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लगाए जा रहे उपकरणों की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। इसी क्रम में स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट कार्पोरेशन ने एलईडी लाइटों में उपयोग होने वाले करीब तीन हजार ड्राइवरों को मानको पर खरा न उतरने के कारण अस्वीकार कर दिया है। इन सभी उपकरणों को संबंधित फ्लोरिडा कंपनी को वापस भेज दिया गया है।

नियमों के अनुसार अब नए और मानक स्तर के ड्राइवरों की आपूर्ति सुनिश्चित होने के बाद ही आगे का काम किया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया पर नगर निगम और स्मार्ट सिटी के अधिकारियों की तकनीकी टीम द्वारा संयुक्त रूप से नजर रखी जा रही है।

कलेक्टर ने बुलाई उच्चस्तरीय बैठक, मांगी फाइलें

इस पूरे प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए जिला कलेक्टर रुचिका चौहान ने मोतीमहल स्थित कंट्रोल एंड कमांड सेंटर में एक अहम बैठक बुलाई। बैठक के दौरान उन्होंने एलईडी प्रोजेक्ट से जुड़े शुरुआती चरण से लेकर अब तक के सभी दस्तावेजों और रिकॉर्ड्स की बारीक समीक्षा की।

समीक्षा के बाद कलेक्टर ने स्मार्ट सिटी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी टी. प्रतीक राव को मामले की गहराई से जांच कर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। पूर्व में इस अनियमितता के उजागर होने के बाद नगर निगम और स्मार्ट सिटी प्रशासन द्वारा संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किए गए थे।

दोषी अधिकारियों पर गिर सकती है गाज

बैठक के दौरान अधिकारियों के साथ हुई गोपनीय चर्चा के बाद प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि इस परियोजना में लापरवाही या गड़बड़ी बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों पर जल्द ही बड़ी कार्रवाई की गाज गिर सकती है।

स्मार्ट सिटी के सीईओ टी. प्रतीक राव ने बताया कि परियोजना से जुड़े सभी जवाबों और नोटिसों का परीक्षण किया जा रहा है। रिकॉर्ड तलब किए जाने के बाद अब फाइलों के आधार पर आगे की वैधानिक और प्रशासनिक कार्रवाई को गति दी जाएगी।