ग्वालियर जिले में सितंबर 2023 के दौरान कटोराताल चौपाटी पर अंजाम दिए गए शिवांश उर्फ आभास शर्मा हत्याकांड मामले में स्थानीय अदालत ने अपना बहुप्रतीक्षित निर्णय सुना दिया है। इस सनसनीखेज वारदात ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया था।

अदालत ने सुनाई उम्रकैद की सजा

प्रथम अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश साबिर अहमद खान की अदालत ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए नौ दोषियों को आजीवन कारावास और जुर्माने से दंडित किया है। इसके अलावा, वारदात के बाद अपराधियों को अपनी स्विफ्ट कार में भगाने वाले दसवें आरोपी को अदालत ने तीन साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।

बाइक की टक्कर से भड़का था विवाद

यह खूनी संघर्ष 2 सितंबर 2023 की रात को हुआ था, जब 19 वर्षीय शिवांश अपने एक साथी के साथ कटोराताल चौपाटी पर कॉफी पीने गया था। इसी दौरान उसकी मोटरसाइकिल एक सफेद अपाचे गाड़ी से हल्की सी टकरा गई, जिसके बाद बात इतनी बढ़ गई कि आरोपियों ने फोन करके अपने अन्य साथियों को भी वहां बुला लिया।

स्थिति को संभालने के लिए जब मृतक का बड़ा भाई आयुष और उसका दोस्त वत्सल वहां पहुंचे, तो हमलावरों ने तीनों को घेर लिया। आरोपियों ने शिवांश पर चाकू, लोहे के सरिए और पत्थरों से ताबड़तोड़ वार किए, जिससे उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। इस घटना का एक 21 सेकंड का वीडियो भी सामने आया था जिसने शहर में भारी रोष पैदा कर दिया था।

पुख्ता सबूतों और गवाहों के आधार पर मिला न्याय

मुकदमे की सुनवाई के दौरान मृतक के भाई आयुष और मित्र वत्सल की गवाही सबसे अहम साबित हुई, जिन्होंने अदालत के समक्ष पूरी घटना का विवरण दिया और हमलावरों की शिनाख्त की। अभियोजन पक्ष की तरफ से घटना के वीडियो, मोबाइल कॉल डिटेल, लोकेशन के साक्ष्य और पुलिस द्वारा बरामद किए गए हथियार अदालत में पेश किए गए।

तमाम गवाहों और वैज्ञानिक साक्ष्यों का बारीकी से अध्ययन करने के बाद न्यायाधीश ने पुष्पेंद्र परिहार, सौरभ खटीक, नरसिंह कुशवाह, नरेंद्र उर्फ किंतु खटीक, देवेंद्र सिंह राणा, आकाश कुशवाह, पीयूष उर्फ फाडू लोधी, श्रीयांश उर्फ सानू जायसवाल और रोहित शर्मा को हत्या तथा हत्या के प्रयास के जुर्म में उम्रकैद की सजा सुनाई।