शहर में आबकारी विभाग ने शराब के अवैध कारोबार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। विभाग की टीम ने ड्राई-डे के मौके पर एक पूर्व सैनिक के घर पर दबिश देकर भारी मात्रा में अंग्रेजी शराब और बीयर बरामद की है। यह कार्रवाई स्थानीय नागरिकों से मिली गुप्त सूचना के आधार पर की गई।
प्रगति विहार में मकान पर मारा गया छापा
यह पूरा मामला गोला का मंदिर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले प्रगति विहार इलाके का है। यहां रहने वाले सेवानिवृत्त फौजी निरंजन सिंह तोमर के आवास पर आबकारी अमले ने औचक कार्रवाई की। तलाशी के दौरान उसके घर से लगभग 26 लीटर ब्रांडेड अंग्रेजी शराब और बीयर की कुल 35 बोतलें मिलीं।
बरामद की गई बोतलों पर 'नॉट फॉर सेल' के लेबल और बार कोड अंकित मिले, जिससे साफ हुआ कि यह शराब पूरी तरह से आर्मी कैंटीन के कोटे की थी। इस कोटे की शराब को खुले बाजार में बेचना कानूनी रूप से प्रतिबंधित है। जब्त की गई बोतलों में 100 पाइपर, ब्लैक डॉग, टीचर्स और सिग्नेचर जैसे महंगे ब्रांड शामिल हैं।
कैंटीन के कोटे से होती थी अवैध कमाई
प्रारंभिक पूछताछ के दौरान आरोपी निरंजन सिंह तोमर ने स्वीकार किया कि वह सेना की कैंटीन से मिलने वाले कोटे की शराब को संग्रहित करता था और बाद में इसे मुनाफे के लिए बेचता था। आबकारी टीम के अनुसार, आरोपी अन्य सैनिकों के पहचान पत्रों का इस्तेमाल कर अवैध रूप से यह स्टॉक जुटाता था।
दबिश का नेतृत्व करने वाले प्रभारी शिवा रघुवंशी ने बताया कि आरोपी के ठिकाने से कोई भी कार्ड बरामद नहीं हुआ है। इससे इस अवैध कारोबार के पीछे एक बड़े नेटवर्क के सक्रिय होने की आशंका जताई जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ के दौरान कई अन्य लोगों के नाम भी सामने आ सकते हैं।
डमी ग्राहक भेजकर पुख्ता की गई थी सूचना
आबकारी अधिकारियों को पिछले कुछ दिनों से लगातार इस बात की शिकायत मिल रही थी कि क्षेत्र में अवैध तरीके से शराब खपाई जा रही है। पुख्ता जानकारी जुटाने के लिए विभाग ने पहले एक डमी ग्राहक को भेजकर मामले की सच्चाई का पता लगाया और तस्दीक होने के बाद यह ठोस कार्रवाई की गई।
विभाग की इस सफलता को स्थानीय स्तर पर काफी अहम माना जा रहा है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि शहर में अवैध शराब की गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए इस तरह के सख्त अभियान लगातार जारी रखे जाएंगे ताकि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर नकेल कसी जा सके।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!