ग्वालियर जिले के भितरवार क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले अमरोल गांव में आयोजित होने वाले 51 कुंडीय शतचंडी महायज्ञ का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। निरंजनी अखाड़ा के महामंडलेश्वर स्वामी बैराग्यानंद गिरी महाराज, जिन्हें मिर्ची बाबा के नाम से जाना जाता है, ने इस सिलसिले में सीधे प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र भेजा है।

यज्ञशाला निर्माण और प्रशासनिक कार्रवाई पर तकरार

मिर्ची बाबा की ओर से भेजे गए पत्र में दावा किया गया है कि आगामी 11 से 17 अक्टूबर तक होने वाले इस महायज्ञ की तैयारियां चल रही थीं। इसके तहत 108 फीट ऊंचे यज्ञ मंडप और यज्ञशाला का लगभग आधा निर्माण कार्य पूरा भी हो चुका था। बाबा का कहना है कि इस आयोजन की विधिवत सूचना करीब एक महीने पहले ही ग्वालियर कलेक्टर, कमिश्नर, पुलिस अधीक्षक, भितरवार एसडीएम और स्थानीय थाने को दे दी गई थी।

हालांकि, पिछले 15 दिनों से निर्माण कार्य में अड़चनें डालने के आरोप लगाए गए हैं। पत्र में मुख्य रूप से यह शिकायत की गई है कि भितरवार एसडीएम राजीव समाधिया और चीनोर थाना प्रभारी शैलेंद्र गुर्जर द्वारा रात के समय निर्माण स्थल पर पहुंचकर मजदूरों के साथ मारपीट की गई और उन्हें भगा दिया गया।

एसडीएम और थाना प्रभारी ने दी अपनी सफाई

दूसरी तरफ, प्रशासनिक अधिकारियों ने मिर्ची बाबा द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। भितरवार एसडीएम राजीव समाधिया ने स्पष्ट किया है कि उनके कार्यालय में इस आयोजन की अनुमति को लेकर कोई भी आधिकारिक सूचना प्राप्त नहीं हुई थी। उन्होंने यह भी साफ किया कि प्रशासन की तरफ से यज्ञ पर किसी प्रकार की रोक नहीं लगाई गई है।

वहीं, चीनोर थाना प्रभारी शैलेंद्र गुर्जर का पक्ष है कि गांव के सरपंच और अन्य ग्रामीणों ने पंचायत की बिना सूचना के आयोजन किए जाने की शिकायत करते हुए आवेदन दिया था। इसके अलावा, प्रस्तावित स्थल के पास स्थित एक पेट्रोल पंप के संचालक ने भी सुरक्षा और नियमों को लेकर आपत्ति दर्ज कराई है, जिसके बाद नियमानुसार आयोजकों को नोटिस थमाकर जवाब तलब किया गया है।

संत समाज ने की उच्चस्तरीय जांच और सुरक्षा की मांग

मिर्ची बाबा ने इस पूरे घटनाक्रम का एक वीडियो भी सार्वजनिक किया है। उनका कहना है कि इस महायज्ञ का मूल उद्देश्य जनकल्याण, राष्ट्रकल्याण और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सेवा कार्य के 25 वर्ष पूरे होने पर उनकी दीर्घायु के साथ 'विज़न-2047' की सफलता की कामना करना है।

पत्र के माध्यम से मांग की गई है कि इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और कथित तौर पर अभद्रता करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई हो। साथ ही, यज्ञ में शामिल होने वाले देश भर के संत-महात्माओं की सुरक्षा के लिए पुख्ता पुलिस बल तैनात करने की बात कही गई है। बाबा ने दोहराया है कि संत समाज किसी भी तरह का टकराव नहीं चाहता, बल्कि यदि कोई कानूनी औपचारिकता शेष है तो प्रशासन उसे पूरा कराकर आयोजन को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराए।