ग्वालियर के प्रसिद्ध और प्राचीन अचलेश्वर महादेव मंदिर में प्रबंधन द्वारा दानपेटियों को खोले जाने की प्रक्रिया पूरी की गई। पवित्र सावन माह के दौरान मंदिर में उमड़ने वाली भारी भीड़ के बीच भक्तों ने जमकर दान दिया है।

दानपेटियों से मिली नकद राशि

मंदिर ट्रस्ट के प्रबंधक राजेश पराशर द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस बार करीब 14 से 15 दानपेटियों को खोला गया था। जिनकी गणना करने पर कुल 6,49,740 रुपये की नकद राशि प्राप्त हुई है।

हीरा, सोना और ऐतिहासिक चांदी के सिक्के

नकद राशि के अलावा गिनती के दौरान एक विशेष पैकेट भी निकला, जिसने सभी का ध्यान आकर्षित किया। इस पैकेट में 22 कैरेट का एक छोटा सोने का सिक्का और 0.56 ग्राम हीरे से जड़ी 18 कैरेट सोने की कान की बाली शामिल है। इसके साथ ही जॉर्ज पंचम के शासनकाल का एक पुराना चांदी का सिक्का, चांदी का नाग-नागिन का जोड़ा और चांदी की बेलपत्री भी दान स्वरूप मिली है।

गुप्त दान की पर्ची और मंदिर की व्यवस्था

इन बहुमूल्य वस्तुओं के साथ एक हस्तलिखित पर्ची भी मिली है, जिस पर गुप्त दान होने की बात लिखी गई थी। पर्ची में यह भी दर्ज था कि चढ़ाई गई वस्तुएं पूरी तरह शुद्ध हैं और जांच कराई जा सकती है।

ट्रस्ट का कहना है कि सावन के दौरान भक्तों की संख्या में हर साल इजाफा होता है। इस बार नकद राशि के साथ कीमती आभूषण और ऐतिहासिक सिक्के मिलना विशेष रहा है। सभी वस्तुओं का विधिवत रिकॉर्ड तैयार करके उन्हें मंदिर की संपत्ति के रूप में सुरक्षित रखा जा रहा है।