ग्वालियर के प्रसिद्ध सराफा बाजार में स्थित आभूषण दुकानों से ग्राहक का स्वांग रचकर गहने चुराने वाले एक शातिर गिरोह का कोतवाली थाना पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गुरुवार को पुरानी छावनी और द्वारकापुरी क्षेत्र में दबिश देकर एक ही परिवार के चार सदस्यों को दबोच लिया। पकड़े गए सभी आरोपी आपस में सगे भाई-बहन बताए जा रहे हैं।

साठ से अधिक सीसीटीवी कैमरों से हुआ रूट ट्रेस

लश्कर सीएसपी किरण अहिरवार के अनुसार, कुछ दिन पहले सराफा बाजार की मोर गली स्थित दिव्यांश ज्वेलर्स में एक महिला ग्राहक बनकर दाखिल हुई थी। जेवर देखने के दौरान उसने सफाई से सोने के टॉप्स पार कर दिए और वहां से चंपत हो गई। दुकान संचालक की शिकायत पर हरकत में आई पुलिस ने घटनास्थल के आसपास के कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की।

जांच के दौरान पुलिस दल ने आरोपियों के आवागमन के रास्ते का पता लगाने के लिए लश्कर से लेकर मोतीझील तक साठ से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग जांची। इसी तकनीकी सुरागकशी के आधार पर पुलिस ने मोतीझील इलाके में घेराबंदी कर एक महिला को पकड़ लिया, जिसकी निशानदेही पर बाकी तीन साथियों को भी दबोच लिया गया।

पारिवारिक गैंग बांटती थी काम

पुलिस की पूछताछ में सामने आया है कि इस शातिर गिरोह में शामिल चारों आरोपी सगे भाई-बहन हैं। इनकी पहचान हेमा, रेखा, अंकित और रानी के रूप में हुई है। दुकान के अंदर महिला सदस्य दुकानदारों का ध्यान भटकाकर आभूषणों को समेट लेती थीं, जबकि अन्य सदस्य बाहर वाहन और सुरक्षा का जिम्मा संभालते थे।

प्रारंभिक पूछताछ के दौरान आरोपियों ने पुलिस के सामने सराफा बाजार की दो अलग-अलग दुकानों में चोरी की वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया है। इनमें दिव्यांश ज्वेलर्स के अलावा इसी वर्ष जनवरी माह में प्रभु दयाल ज्वेलर्स से सोने की चेन चुराने का मामला भी शामिल है।

वाहन बरामद, रिमांड पर पूछताछ जारी

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में प्रयुक्त की जाने वाली दो मोटरसाइकिलें भी बरामद कर ली हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों को रिमांड पर लेकर यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि उन्होंने ग्वालियर या आसपास के अन्य इलाकों में भी ऐसी किसी वारदात को अंजाम दिया है या नहीं।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह यादव ने इस सफलता की पुष्टि करते हुए बताया कि कोतवाली पुलिस की मुस्तैदी से इस गिरोह का खुलासा हुआ है। पुलिस अब चोरी गए जेवरों की बरामदगी और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संभावित लोगों की तलाश में जुटी हुई है।