अंचल में बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक विजयादशमी का पावन पर्व उत्साह और परंपरा के साथ मनाया गया। इस खास मौके पर शहर के विभिन्न कार्यालयों, संस्थानों और प्रमुख स्थलों पर शस्त्रों, शास्त्रों के साथ-साथ वाहनों की भी पूजा-अर्चना की गई। नागरिकों ने इस दौरान अपने जीवन से बुराइयों को दूर कर सदाचार के मार्ग पर आगे बढ़ने का संकल्प दोहराया।

पुलिस लाइन में विधानसभा अध्यक्ष ने की शस्त्र पूजा

स्थानीय पुलिस लाइन परिसर में विभाग की ओर से एक विशेष शस्त्र पूजन समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर मुख्य अतिथि के तौर पर सम्मिलित हुए। उनके साथ कई गणमान्य जनप्रतिनिधि और पुलिस महकमे के अधिकारी भी मौजूद रहे। सभी ने मिलकर विधिवत रूप से पुलिस बल के हथियारों और शासकीय वाहनों की पूजा की तथा देश की सुरक्षा और तरक्की की मंगलकामना की।

इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ने उपस्थित जनों को संबोधित करते हुए कहा कि विजयादशमी हमारी सनातन संस्कृति और शक्ति का मुख्य उत्सव है। उन्होंने नागरिकों से आह्वान किया कि वे देश की विजय यात्रा और राष्ट्र निर्माण में अपना सकारात्मक योगदान दें ताकि देश हर चुनौती से पार पाकर और अधिक सशक्त बन सके।

गंगादास की बड़ी शाला की सात सदी पुरानी परंपरा

ग्वालियर की ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहर गंगादास की बड़ी शाला में दशहरा पर्व पर अनूठी परंपरा देखने को मिली, जो लगभग सात सौ साल पुरानी है। पीठ के पीठाधीश्वर महंत रामसेवक दास महाराज ने जानकारी दी कि इस संस्थान का नाता प्राचीन अखाड़ा संस्कृति से है और यहां मुगलकाल से ही शौर्य एवं भक्ति की परंपराएं सहेजी जा रही हैं।

महंत ने बताया कि इस पावन दिन निर्मोही, निर्वाणी और दिगंबर तीनों अनी अखाड़ों के निशानों का पूजन होता है। इसके अतिरिक्त, सन 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई के पार्थिव शरीर की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्यौछावर करने वाले 745 हुतात्मा साधुओं की स्मृति में उनके पवित्र अस्त्रों का भी पूजन किया जाता है।

ऐतिहासिक तोप और युद्ध कौशल का प्रदर्शन

ऐतिहासिक तथ्यों का जिक्र करते हुए पीठ के प्रमुख ने बताया कि रानी लक्ष्मीबाई के अंतिम संस्कार के वक्त अंग्रेजों को रोकने के लिए संतों ने भारी संघर्ष किया था। उस संघर्ष में प्रयुक्त हुई तोप को भी आज भी इस पूजन परंपरा का अहम हिस्सा बनाया जाता है। पूजन प्रक्रिया संपन्न होने के बाद अखाड़े के साधुओं द्वारा प्राचीन हथियारों के साथ अपने युद्ध कौशल और पारंपरिक करतबों का प्रदर्शन किया गया।

दूसरी ओर, नगर निगम कार्यालय में भी विजयादशमी का पर्व सादगी और उल्लास के साथ मनाया गया। निगम कमिश्नर अभिषेक चौधरी ने इस अवसर पर निगम के विभिन्न कार्यशील वाहनों की पूजा-अर्चना की और सभी कर्मचारियों को पर्व की हार्दिक बधाई दी।