ग्वालियर में एक बड़ी डकैती की वारदात को अंजाम देने की साजिश को क्राइम ब्रांच और महाराजपुरा थाना पुलिस ने मिलकर विफल कर दिया। बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात लगभग 3 बजे की गई इस कार्रवाई में, प्रॉपर्टी कारोबारी के घर डकैती की योजना बना रहे चार बदमाशों को धर दबोचा गया।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई से टली वारदात

डीएसपी क्राइम और सीएसपी महाराजपुरा नागेंद्र सिंह सिकरवार ने जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी। इस सूचना में बताया गया था कि महाराजपुरा इलाके में कुछ हथियारबंद अपराधी किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की तैयारी में हैं। खबर मिलते ही, क्राइम ब्रांच और महाराजपुरा थाना पुलिस की तीन विशेष टीमें तुरंत बनाई गईं। इस अभियान का नेतृत्व एसआई राजीव सोलंकी, रोहित भदौरिया और सतराम राठौर ने किया, जिसमें एएसआई विनोद छारी समेत कई अन्य पुलिसकर्मी भी शामिल थे।

सत्संग आश्रम के पास से पकड़े गए बदमाश

पुलिस टीमें राधा स्वामी सत्संग आश्रम के निकट सूरा बेहटा रोड पर पहुंचीं, जहां झाड़ियों में कुछ संदिग्ध व्यक्तियों को छिपा हुआ देखा गया। पुलिस ने तुरंत घेराबंदी की और उनकी हरकतों पर बारीकी से नजर रखी। इस दौरान, पुलिसकर्मियों ने उनकी बातचीत सुनी, जिससे यह खुलासा हुआ कि वे लक्ष्मणगढ़ के प्रॉपर्टी कारोबारी गंधर्व सिंह के आवास पर डकैती डालने की योजना बना रहे थे। पुलिस ने बिना देर किए कार्रवाई की, जिससे बदमाश भागने लगे। पीछा करने के बाद चार आरोपियों को पकड़ लिया गया, लेकिन उनका एक साथी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से भागने में सफल रहा।

गिरफ्तार और फरार आरोपियों की पहचान

पकड़े गए आरोपियों की पहचान हरेन्द्र उर्फ देवा ओझा (उटीला निवासी), प्रदीप परिहार (सिमरिया ताल, डबरा निवासी), हरिओम जाट (ग्राम कैथोदा, पिछोर निवासी) और मोहित तोमर (सिहोनिया, मुरैना निवासी) के तौर पर हुई है। वहीं, मौके से फरार हुए आरोपी का नाम आदित्य भदौरिया बताया गया है, जो शताब्दीपुरम का निवासी है।

पुलिस ने गिरफ्तार बदमाशों के पास से तीन देशी कट्टे, चार जिंदा कारतूस, एक लोहे का सरिया, तीन मोबाइल फोन और 1,280 रुपये नकद बरामद किए हैं। इन सभी आरोपियों के विरुद्ध डकैती की तैयारी करने और आर्म्स एक्ट सहित कई संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।

एसएसपी धर्मवीर सिंह यादव ने इस मामले पर टिप्पणी करते हुए कहा कि समय रहते पुलिस की मुस्तैदी से एक बड़ी आपराधिक घटना को टाला जा सका है। फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें उसके संभावित ठिकानों और रिश्तेदारों के घरों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं। पुलिस को विश्वास है कि फरार आरोपी को भी जल्द ही पकड़ लिया जाएगा।