ग्वालियर की प्रतिभाशाली युवा हॉकी खिलाड़ी कृष्णा शर्मा ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक बार फिर शहर का मान बढ़ाया है। जूनियर महिला हॉकी एशिया कप 2026 के रोमांचक फाइनल मुकाबले में भारतीय जूनियर महिला हॉकी टीम ने चीन को 1-0 के अंतर से मात देकर शानदार तरीके से खिताब अपने नाम किया। इस ऐतिहासिक और गौरवशाली जीत का हिस्सा रहीं कृष्णा शर्मा जब अपने गृह नगर ग्वालियर लौटीं, तो उनके परिजनों, मित्रों और स्थानीय खेल प्रेमियों में भारी उत्साह देखने को मिला।

ढोल-नगाड़ों की गूंज और पुष्प वर्षा से हुआ स्वागत

खिताब जीतने के बाद ग्वालियर पहुंचीं कृष्णा शर्मा का स्थानीय स्तर पर अभूतपूर्व स्वागत किया गया। उनके आगमन पर ढोल-नगाड़े बजाए गए और उपस्थित समर्थकों ने उन पर पुष्प वर्षा करते हुए फूल-मालाएं पहनाईं। इस दौरान पूरा माहौल देशभक्ति के रंगों में रंगा नजर आया और वहां मौजूद लोगों ने भारत माता की जय के नारे लगाकर अपनी खुशी का इजहार किया। स्वागत समारोह के दौरान परिवार के सदस्यों के चेहरों पर गर्व साफ झलक रहा था।

मध्य प्रदेश अकादमी से शुरू हुआ था कड़ा संघर्ष

मध्य प्रदेश महिला हॉकी अकादमी से अपने खेल की शुरुआत करने वाली कृष्णा शर्मा के लिए भारतीय राष्ट्रीय टीम तक का यह सफर बिल्कुल भी आसान नहीं रहा। यहां तक पहुंचने के लिए उन्होंने करीब आठ से दस साल तक कड़ा संघर्ष और निरंतर अभ्यास किया। लंबे परिश्रम के बाद उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करने का बहुमूल्य अवसर प्राप्त हुआ, जिसे उन्होंने अपनी बेहतरीन खेल प्रतिभा से सार्थक कर दिखाया।

लक्ष्य अभी पूरा नहीं हुआ, विश्व कप पर है नजर

अपनी इस बड़ी उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए कृष्णा ने बताया कि ग्वालियर से हॉकी की शुरुआत करने के बाद उन्होंने जो लक्ष्य तय किया था, वे धीरे-धीरे उसे हासिल कर रही हैं। अंतरराष्ट्रीय मंच पर खेलना बेहद चुनौतीपूर्ण था, जिसके लिए उन्हें वर्षों तक पसीना बहाना पड़ा। उन्होंने कहा कि एशिया कप की इस जीत से उन्हें आत्मसंतोष मिला है, लेकिन उनका सफर अभी थमा नहीं है।

कृष्णा ने अनुभव साझा करते हुए बताया कि भारतीय टीम के साथ खेलते समय उन्हें कभी यह महसूस नहीं हुआ कि वे कोई नई खिलाड़ी हैं। कोच, सपोर्ट स्टाफ और सभी सह-खिलाड़ियों ने उन्हें हर कदम पर भरपूर सहयोग दिया। अब उनका पूरा ध्यान सिर्फ और सिर्फ अपनी प्रैक्टिस पर केंद्रित है। उनका अगला बड़ा सपना अगले साल आयोजित होने वाले विश्व कप के लिए भारतीय टीम में जगह बनाना है, जिसके लिए वे लगातार और कड़ी मेहनत करने के लिए तैयार हैं।