ग्वालियर शहर में अपराधियों द्वारा हाई-टेक तरीके से ऑनलाइन सट्टेबाजी और गैम्बलिंग का बड़ा खेल चलाया जा रहा था। स्थानीय पुलिस की क्राइम ब्रांच और साइबर विंग ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए इस अवैध नेटवर्क का खुलासा किया है।
विंडसर हिल्स के डुप्लेक्स से चल रहा था खेल
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शहर के पॉश इलाके विंडसर हिल्स में स्थित एक किराए के डुप्लेक्स से इस पूरे सिंडिकेट को संचालित किया जा रहा था। रविवार रात लगभग आठ बजे पुलिस ने इस ठिकाने पर छापा मारकर फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ किया।
दुबई और श्रीलंका के सट्टेबाजों से जुड़े थे तार
जांच में सामने आया है कि आरोपी '100पैनल' नामक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन सट्टा खिलवा रहे थे। यह गिरोह व्हाट्सएप के जरिए सीधे दुबई और श्रीलंका में बैठे मुख्य सट्टेबाजों के संपर्क में रहकर अपनी गतिविधियां अंजाम दे रहा था।
एडिशनल एसपी सुजावल जग्गा ने इस मामले की जानकारी देते हुए बताया कि मिली हुई सूचना के आधार पर क्राइम ब्रांच और साइबर सेल की टीम ने मौके पर पहुंचकर दबीश दी। यहाँ ऑनलाइन फ्रॉड के जरिए आई रकम को कई अलग-अलग खातों में ट्रांसफर किया जा रहा था।
मौके से पांच आरोपी और उपकरण बरामद
पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान पांच आरोपियों को दबोच लिया है। आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन, लैपटॉप, सिम कार्ड, चेक बुक, पासबुक, आधार कार्ड, पैन कार्ड और क्रेडिट कार्ड समेत कई आपत्तिजनक सामग्री जब्त की गई है।
यह सभी आरोपी कमीशन के आधार पर काम करते थे और उन्होंने फिल्म की तर्ज पर पूरा सेटअप तैयार कर रखा था। पुलिस फिलहाल इनसे गहन पूछताछ कर रही है, जिससे और भी बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
मकान मालिक की भूमिका और पुलिस की चेतावनी
एसएसपी धर्मवीर सिंह के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई के बाद अब पुलिस उस मकान मालिक की भी जांच कर रही है, जिसके फ्लैट में यह अवैध नेटवर्क चल रहा था। पुलिस यह पता लगा रही है कि बिना पुलिस वेरिफिकेशन के यह संचालन कैसे हो रहा था।
प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपने बैंक खाते, एटीएम या सिम कार्ड किसी अज्ञात व्यक्ति को इस्तेमाल के लिए न दें। म्यूल अकाउंट्स का उपयोग साइबर ठगी में पाए जाने पर मूल खाताधारक पर भी कानूनी शिकंजा कसा जाएगा।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!