ग्वालियर शहर में साइबर अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और वे लगातार नए-नए तरीकों से आम नागरिकों को अपना शिकार बना रहे हैं। ताजा मामलों में शातिर ठगों ने शहर के अलग-अलग इलाकों में रहने वाले तीन लोगों को अपने जाल में फंसाया और उनके बैंक खातों से कुल 3 लाख 68 हजार रुपए की धोखाधड़ी कर ली। पीड़ितों को जब तक धोखाधड़ी का अहसास हुआ, तब तक आरोपी बड़ी रकम पार कर चुके थे।
सभी मामलों में ठगी का शिकार हुए लोगों ने समय रहते अपने बैंक खाते ब्लॉक कराए और साइबर पुलिस हेल्पलाइन पर इसकी सूचना दी। पीड़ितों की ओर से दी गई औपचारिक शिकायतों के आधार पर पुलिस ने संबंधित थानों में प्रकरण दर्ज कर लिए हैं और साइबर सेल की टीमें तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की तलाश में जुट गई हैं।
पहला मामला: इंस्टाग्राम पर मदद का झांसा देकर युवती से ठगे 48 हजार
तानसेन नगर की रहने वाली 19 वर्षीय हर्षिता भार्गव को गत 6 अगस्त को इंस्टाग्राम पर 'अवेयरनेस इंडिया 02' नाम की आईडी से एक मैसेज प्राप्त हुआ था। मैसेज भेजने वाले ने खुद को साइबर फ्रॉड से जुड़ी मदद करने वाला बताते हुए दावा किया कि युवती के साथ पहले हुई ठगी की रकम वापस दिलाई जा सकती है। चूंकि युवती पहले भी ठगी का शिकार हो चुकी थी, इसलिए वह आसानी से झांसे में आ गई।
मैसेज के जवाब में हां लिखते ही आरोपी ने रजिस्ट्रेशन और वेरिफिकेशन के बहाने मोबाइल की स्क्रीन शेयर करवाई और यूपीआई के माध्यम से अलग-अलग किश्तों में कुल 48 हजार रुपए ऐंठ लिए। इसके बाद भी जब आरोपी ने फाइल बंद करने की धमकी देकर और रुपयों की मांग की, तब युवती को ठगी का अहसास हुआ और उसने पुलिस में मामला दर्ज कराया।
दूसरा मामला: फौजी बनकर टेलर को दिया फर्जी ऑर्डर और उड़ाए 1.40 लाख
मुरार निवासी जावेद बेग पेशे से टेलर हैं और 12 अगस्त को उनके पास एक अनजान नंबर से फोन आया था। फोन करने वाले ने खुद को सेना का जवान बताकर उन्हें वर्दियां सिलवाने का बड़ा ऑर्डर देने का लालच दिया। आरोपी ने सिलाई का एस्टीमेट और आधार कार्ड मंगवाने के बाद अगले दिन व्हाट्सएप वीडियो कॉल के जरिए उनकी स्क्रीन शेयर करवा ली।
वीडियो कॉल के दौरान ही ठग ने उनके बैंक खातों और क्रेडिट कार्ड से जुड़ी गोपनीय जानकारी हासिल कर ली। इसके तुरंत बाद उनके इंडसइंड बैंक खाते से तीन अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए कुल 1 लाख 40 हजार रुपए (जिसमें 1.10 लाख, 10 हजार और 19,999 रुपए शामिल हैं) निकाल लिए गए। खाते से रकम कटने के मैसेज आने पर पीड़ित को ठगी का पता चला।
तीसरा मामला और पुलिस कार्रवाई
मुरार के बड़ागांव इलाके में रहने वाले 50 वर्षीय रणवीर किरार ने 22 अगस्त को पेटीएम ऐप के जरिए अपने यूनियन बैंक खाते का बैलेंस चेक किया था। इस दौरान उन्हें पता चला कि 20 अगस्त को उनके खाते से 90 हजार रुपए किसी अज्ञात यूपीआई आईडी पर ट्रांसफर हो चुके हैं। उन्होंने इस प्रकार का कोई भुगतान नहीं किया था, जिसके बाद उन्होंने तत्काल 1930 नंबर पर शिकायत दर्ज कराई।
इस पूरे मामले पर सीएसपी रोबिन जैन ने जानकारी देते हुए बताया कि साइबर ठगी के इन तीनों मामलों में पीड़ितों की शिकायतें दर्ज कर ली गई हैं। घटना में प्रयुक्त बैंक खातों, इंस्टाग्राम आईडी और मोबाइल नंबरों को ट्रेस किया जा रहा है और साइबर टीम जल्द ही अज्ञात ठगों का सुराग लगाकर उन्हें पकड़ने में कामयाब होगी।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!