ग्वालियर के थाटीपुर थाना क्षेत्र से एक 15 वर्षीय छात्र के रहस्यमय ढंग से लापता होने का मामला सामने आया है। प्रिंस नामक यह छात्र पिछले सात दिनों से घर नहीं लौटा है, और उसके परिजन ऑनलाइन गेम 'फ्री फायर' की लत को उसकी गुमशुदगी का कारण मान रहे हैं। परिवार ने पुलिस को बताया है कि प्रिंस साइबर ठगों और अंतरराष्ट्रीय अपराधियों के संपर्क में था, और उसे आखिरी बार केरल से दिल्ली जाने वाली एक ट्रेन में देखा गया था।
छात्र की गुमशुदगी और परिजनों की शिकायत
मेहरा कॉलोनी निवासी जनवेद सिंह दोहरे के बेटे प्रिंस की गुमशुदगी की रिपोर्ट थाटीपुर थाने में दर्ज कराई गई है। जनवेद सिंह, जो पेशे से ऑटो चालक हैं, ने बताया कि प्रिंस 30 जून 2026 की सुबह करीब 8 बजे बिना बताए घर से चला गया था। प्रिंस का रंग सांवला है और उसकी लंबाई लगभग 5 फीट है। घर से निकलते समय उसने हरे रंग की शर्ट और काले रंग की पैंट पहनी हुई थी। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है, वहीं परिवार भी अपने स्तर पर उसे खोजने का प्रयास कर रहा है।
प्रिंस के छोटे भाई अनुज ने बताया कि प्रिंस अपने दोस्त आलम के साथ निकला था। हालांकि, परिजन आलम को नहीं जानते थे और उनकी दोस्ती फ्री फायर गेम के माध्यम से हुई थी। जब आलम से संपर्क किया गया, तो उसने पहले प्रिंस के साथ दिल्ली जाने की बात कही, लेकिन बाद में अपना बयान बदलते हुए कोलकाता में होने का दावा किया। पिता जनवेद सिंह ने पुलिस की कार्रवाई पर असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि पुलिस गंभीरता से जांच नहीं कर रही है, जिससे उनके बेटे की जान को खतरा हो सकता है।
ऑनलाइन गेमिंग की लत और संदिग्धों से संपर्क
प्रिंस की मां सीमा देवी दोहरे ने बताया कि प्रिंस 10वीं कक्षा का छात्र है और पिछले आठ सालों से फ्री फायर गेम खेल रहा था। वह गेम का एक 'प्रो-प्लेयर' था और उसकी गेमिंग आईडी की अच्छी कीमत लगती थी। दोस्तों से पूछताछ में पता चला कि प्रिंस आईडी खरीदने-बेचने के बहाने बाहरी राज्यों के कुछ लोगों के संपर्क में था। ये लोग वॉट्सऐप मैसेज, कॉल और ग्रुप कॉल के जरिए उससे जुड़े रहते थे।
प्रिंस के मोबाइल फोन की जांच से कई फर्जी नामों वाली आईडी, वॉट्सऐप ग्रुप, कॉल रिकॉर्डिंग और संदिग्ध लेनदेन से जुड़े सबूत भी मिले हैं। परिजनों के अनुसार, बच्चों का भरोसा जीतकर उन्हें अपने जाल में फंसाने वाले ये लोग मध्य प्रदेश से बाहर के हैं और इनका नेटवर्क बिहार, झारखंड और कोलकाता से संचालित होता है। साइबर सेल की शुरुआती जांच में संदिग्धों की मौजूदा मोबाइल लोकेशन कोलकाता में ट्रेस की गई है।
पुलिस की कार्रवाई और आगे की योजना
थाटीपुर टीआई विपेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि प्रिंस के परिजनों द्वारा ऑनलाइन गेमिंग और बाहरी लोगों के संपर्क से संबंधित जो फोन नंबर और अन्य जानकारी दी गई है, उसे साइबर सेल को भेज दिया गया है। तकनीकी सबूतों और लोकेशन के आधार पर संदिग्धों की तलाश की जा रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि जल्द ही एक विशेष टीम कोलकाता भेजी जाएगी और प्रिंस को सकुशल ढूंढ निकालना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।





टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!