ग्वालियर के गोला का मंदिर थाना क्षेत्र में गत सप्ताह सामने आए दीपक राजावत उर्फ छोटू हत्याकांड की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, परत दर परत बड़े खुलासे हो रहे हैं। पुलिस गिरफ्त में आए मुख्य आरोपियों से पूछताछ के बाद इस वारदात में शामिल दो अन्य नए शूटरों के नाम भी सामने आ गए हैं, जिन्होंने घटना के दिन ताबड़तोड़ गोलियां चलाई थीं।
दोस्त ने ही की थी गद्दारी, पार्टी की बनाई थी योजना
पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ है कि हमलावरों ने छोटू की हर गतिविधि पर नजर रखने के लिए उसके ही एक करीबी दोस्त पिल्लू को अपने साथ मिला लिया था। पिल्लू ने ही आरोपियों के इशारे पर हाइवे स्थित एक ढाबे पर पार्टी का पूरा प्लान तैयार किया था। पार्टी के दौरान वह व्हाट्सएप के जरिए छोटू की हर मूवमेंट और पल-पल की लोकेशन मुख्य साजिशकर्ता रानू और दीनू सिकरवार तक पहुंचा रहा था।
ढाबे से निकलते ही आरोपियों को दी गई थी सूचना
पकड़े गए आरोपियों रानू उर्फ अभिषेक सिकरवार और राजवीर सिंह चौहान ने पुलिस को बताया कि उन्हें यह तक जानकारी थी कि छोटू ने ढाबे पर कितनी शराब पी है। जैसे ही छोटू वहां से बाहर निकला, उनके मददगार ने व्हाट्सएप पर संदेश भेज दिया। इसके बाद रेलवे ओवरब्रिज के पास पहले से घात लगाकर बैठी गैंग ने उसकी घेराबंदी कर ली और गाड़ी से खींचकर उसकी हत्या कर दी गई।
सामने आए दो नए शूटर, पुलिस कर रही तलाश
इस सनसनीखेज मामले में पुलिस ने दस-दस हजार रुपये के इनामी बदमाशों रानू और राजवीर को भिंड रोड से गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ के दौरान रानू ने कुबूला कि उसने ही छोटू के सीने और सिर में चार गोलियां दागी थीं। इसके अलावा मनीष तोमर और रितेश शाक्य के रूप में दो अन्य शूटरों के नाम भी सामने आए हैं, जिन्होंने वारदात के रोज गोलियां चलाई थीं। पुलिस ने दोनों को रिमांड पर लिया है।
हत्याकांड को अंजाम देने के बाद से ही मुखबिरी करने वाला दोस्त पिल्लू भी फरार चल रहा है, जिसकी सरगर्मी से तलाश की जा रही है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि इस वारदात में शामिल बाकी बचे अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!