ग्वालियर के सिटी सेंटर इलाके को जोड़ने वाले एजी ऑफिस पुल पर गुरुवार रात एक 21 वर्षीय युवक की संदिग्ध मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। जहां पुलिस और मृतक के दोस्त इसे सड़क दुर्घटना बता रहे हैं, वहीं मृतक के परिजनों ने इसे सुनियोजित हत्या करार दिया है। घटना स्थल से एक लोडेड देसी कट्टा मिलने के बाद मामले की गुत्थी और उलझ गई है।
घटनाक्रम: कोर्ट से घर तक का सफर
विश्वविद्यालय थाना पुलिस के अनुसार, मृतक की पहचान नाका चंद्रबदनी निवासी अभिषेक कटारे पुत्र राकेश कटारे के रूप में हुई है, जो एक निजी फर्म में कार्यरत था। अभिषेक के भाई अविनाश कटारे ने बताया कि उनके परिवार का रिश्तेदारों के साथ जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। गुरुवार को इसी मामले में दोनों भाई कोर्ट में पेश हुए थे। शाम करीब छह बजे अभिषेक की मां और अविनाश घर लौट आए, जबकि अभिषेक अपने दोस्तों राहुल वाल्मीकि और राजेश के साथ रुक गया। रात लगभग 10 बजे राहुल के भाई सचिन ने फोन कर सूचना दी कि एजी ऑफिस पुल पर अभिषेक का एक्सीडेंट हो गया है और उसे किसी अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी है।
पुलिस के शुरुआती बयानों के मुताबिक, टक्कर इतनी भीषण थी कि अभिषेक सड़क पर काफी दूर तक घिसटता चला गया, जिससे उसके सिर और सीने में गंभीर चोटें आईं। राहगीरों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
घटनास्थल पर मिला लोडेड कट्टा
इस मामले में तब नया मोड़ आ गया जब फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल की बारीकी से जांच की। खून के धब्बों से कुछ दूरी पर उन्हें एक लोडेड देसी कट्टा बरामद हुआ। पुलिस ने कट्टे को जब्त कर लिया है और अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह किसका है और घटना स्थल पर कैसे पहुंचा। इस बरामदगी ने सड़क हादसे की थ्योरी पर संदेह गहरा दिया है।
परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप, किया चक्काजाम
मृतक अभिषेक के भाई अविनाश कटारे ने स्पष्ट आरोप लगाया है कि यह कोई सड़क दुर्घटना नहीं बल्कि उनके भाई की सुनियोजित हत्या है। उन्होंने बताया कि जमीन विवाद के चलते रिश्तेदारों से उनकी पुरानी रंजिश चल रही थी और इसी वजह से अभिषेक को मौत के घाट उतारा गया है। शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद, आक्रोशित परिजनों ने नाका चंद्रबदनी क्षेत्र में अभिषेक के शव को सड़क पर रखकर चक्काजाम कर दिया। उनकी मांग थी कि पुलिस इस मामले को दुर्घटना के बजाय हत्या के रूप में दर्ज कर निष्पक्ष जांच करे। लगभग एक घंटे तक यातायात बाधित रहा, जिसके बाद पुलिस अधिकारियों द्वारा निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिए जाने पर परिजनों ने जाम समाप्त किया।
विश्वविद्यालय थाना प्रभारी रविंद्र कुमार ने बताया कि फिलहाल अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने का मामला दर्ज कर उसकी तलाश की जा रही है। उन्होंने यह भी पुष्टि की कि घटनास्थल से बरामद अवैध कट्टे की भी गहनता से जांच की जा रही है ताकि यह पता चल सके कि उसका घटना से कोई संबंध है या नहीं। पुलिस परिजनों द्वारा लगाए गए हत्या के आरोपों की भी हर पहलू से जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!