ग्वालियर के गजरा राजा मेडिकल कॉलेज (GRMC) के डीन डॉ. आरकेएस धाकड़ पर हुए जानलेवा हमले के बाद चिकित्सा जगत में तीखा आक्रोश देखने को मिल रहा है। घटना के विरोध में जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (जूडा) ने बुधवार से अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल पर जाने का बड़ा ऐलान किया है।

सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल, वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान हुई घटना

जूडा ने कम्पू थाना प्रभारी को दिए गए शिकायती पत्र में इस बात पर जोर दिया है कि 19 अक्टूबर को मुख्यमंत्री के ट्रॉमा सेंटर दौरे के तुरंत बाद डीन पर यह हमला हुआ था। कड़े सुरक्षा प्रबंधों और वीवीआईपी मूवमेंट के बीच संस्थान के मुखिया पर हुआ यह हमला डॉक्टरों की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवालिया निशान खड़ा करता है।

पूर्व जूडा अध्यक्ष डॉ. अनिल शर्मा ने इस मामले में हमलावर का नारको टेस्ट कराए जाने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि आरोपी की मानसिक स्थिति को लेकर संशय है, तो एक मेडिकल बोर्ड का गठन कर पूरी घटना की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जानी चाहिए।

सामान्य ओपीडी रहेगी प्रभावित, इमरजेंसी सेवाएं रहेंगी सुचारू

हड़ताल के दौरान आम मरीजों को असुविधा से बचाने के लिए जूडा अध्यक्ष डॉ. धुआराम गुर्जर ने स्पष्ट किया है कि रूटीन ओपीडी सेवाओं को छोड़कर आपातकालीन (इमरजेंसी) सेवाएं 24 घंटे निरंतर चालू रहेंगी। इसके साथ ही मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मरीजों के लिए मनोरोग ओपीडी भी सुचारू रूप से कार्य करती रहेगी।

डॉक्टरों का साफ कहना है कि अस्पताल परिसर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं और दोषियों के साथ-साथ इस घटना के पीछे की किसी भी संभावित साजिश का पर्दाफाश किया जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

अजाक्स ने सौंपे आठ सूत्रीय ज्ञापन, सीडीआर और सीसीटीवी फुटेज खंगालने की मांग

इस बीच, मध्य प्रदेश अजाक्स संगठन ने भी डीन पर हुए हमले को लेकर पुलिस प्रशासन को आठ बिंदुओं का एक ज्ञापन सौंपा है। संगठन के कार्यवाहक जिलाध्यक्ष अतर सिंह जाटव ने मांग की है कि जांच का दायरा केवल हमलावर तक ही सीमित न रखा जाए, बल्कि घटना के पीछे के अन्य पहलुओं की भी गहराई से पड़ताल हो।

अजाक्स ने आरोपी के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), मोबाइल लोकेशन, आसपास के सीसीटीवी फुटेज और पुरानी रंजिश के एंगल से भी जांच की मांग उठाई है। संगठन ने चिकित्सक संरक्षण कानून और भारतीय न्याय संहिता के प्रावधानों के तहत सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने की पुरजोर मांग की है।