ग्वालियर में संविधान और लोकतंत्र की सुरक्षा की मांग के साथ-साथ मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित मनमानी और वोट चोरी के गंभीर आरोपों को लेकर गुरुवार, 8 अक्टूबर को INDIA गठबंधन के बैनर तले शहर में एक बड़ा संयुक्त पैदल मार्च निकाला गया।
अचलेश्वर मंदिर से शुरू हुआ विरोध मार्च
यह आक्रोश मार्च शहर के प्रसिद्ध अचलेश्वर महादेव मंदिर से आरंभ हुआ। इसके बाद जुलूस इंदरगंज चौराहा, महल गेट, जयेंद्रगंज और शिंदे की छावनी जैसे प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए फूलबाग चौराहे पर पहुंचकर समाप्त हुआ। इस दौरान कार्यकर्ताओं द्वारा "वोट चोर, गद्दी छोड़" और "लोकतंत्र बचाओ, वोट बचाओ, देश बचाओ" जैसे नारे लगाए गए।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त के मुखौटे में दिखा अनूठा विरोध
इस प्रदर्शन के दौरान एक अनूठा दृश्य देखने को मिला, जब कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एक युवक को मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का मुखौटा पहनाया और उसे कैदियों की पोशाक में रखा। उसके हाथों में हथकड़ी और रस्सी बांधकर फूलबाग तक चलाया गया। कार्यकर्ताओं का आरोप था कि चुनावी संस्थाओं की मिलीभगत से देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर किया जा रहा है।
पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झूमाझटकी
तयशुदा मार्ग पर केंद्र सरकार के खिलाफ लगातार नारेबाजी होती रही। जैसे ही काफिला फूलबाग चौराहे पर पहुंचा, माहौल तनावपूर्ण हो गया क्योंकि कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन करने का प्रयास किया। मौके पर तैनात भारी पुलिस बल ने पुतला छीनने और रोकने की पूरी कोशिश की, लेकिन भारी हंगामे और धक्का-मुक्की के बीच प्रदर्शनकारियों ने पुतला फूंक ही दिया।
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह यादव ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि वर्तमान में देश का लोकतंत्र और नागरिकों के मत का अधिकार खतरे में है। उन्होंने आरोप लगाया कि वोट चोरी के जरिए सरकारें चलाई जा रही हैं और जब तक यह मनमानी समाप्त नहीं होगी, उनका यह विरोध अभियान जारी रहेगा।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!