ग्वालियर की बेटियों ने एशिया कप में लहराया तिरंगा, कलेक्ट्रेट में हुआ सम्मान

ग्वालियर। ग्वालियर की महिला हॉकी खिलाड़ियों ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए भारत का नाम रोशन किया है। जापान में आयोजित अंडर-18 महिला हॉकी एशिया कप में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक अपने नाम किया। इस सफलता में ग्वालियर महिला हॉकी अकादमी की चार खिलाड़ियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। उनकी उपलब्धि पर ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान ने कलेक्ट्रेट में सम्मान समारोह आयोजित कर खिलाड़ियों को सम्मानित किया।

चार खिलाड़ियों ने बढ़ाया ग्वालियर का गौरव

जापान के काकामीगहारा में आयोजित इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में ग्वालियर की नौशीन नाज, नम्मी गीताश्री, स्नेहा देवड़े और महक परिहार भारतीय टीम का हिस्सा रहीं। शिवाजी राव पवार उत्कृष्ट हॉकी अकादमी में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली इन खिलाड़ियों ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार खेल दिखाते हुए भारत को कांस्य पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाई।

नौशीन नाज रहीं टूर्नामेंट की टॉप स्कोरर

ग्वालियर की स्टार खिलाड़ी नौशीन नाज ने पूरे टूर्नामेंट में सबसे अधिक 16 गोल दागकर टॉप स्कोरर बनने का गौरव हासिल किया। उनके बेहतरीन प्रदर्शन ने भारतीय टीम की सफलता में निर्णायक भूमिका निभाई और अंतरराष्ट्रीय हॉकी में उनकी पहचान को और मजबूत किया।

कलेक्ट्रेट में खिलाड़ियों का हुआ सम्मान

चारों खिलाड़ियों के सम्मान में आयोजित समारोह के दौरान कलेक्टर रुचिका चौहान ने उन्हें पुष्पगुच्छ और अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने खिलाड़ियों से उनके प्रशिक्षण, संघर्ष और पारिवारिक पृष्ठभूमि के बारे में बातचीत की तथा भविष्य में और बड़ी उपलब्धियां हासिल करने के लिए शुभकामनाएं दीं।

'छोटे शहरों की बेटियां बन रही हैं देश की पहचान'

सम्मान समारोह में कलेक्टर रुचिका चौहान ने कहा कि ग्वालियर की इन बेटियों ने अनुशासन, मेहनत और समर्पण के दम पर अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का सम्मान बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि छोटे शहरों से निकलकर बड़ी उपलब्धियां हासिल करने वाली ये खिलाड़ी प्रदेश की हजारों बेटियों के लिए प्रेरणा हैं।

नई पीढ़ी को मिलेगी प्रेरणा

उन्होंने कहा कि स्पष्ट लक्ष्य, कड़ी मेहनत और सही मार्गदर्शन के साथ कोई भी सपना असंभव नहीं होता। ग्वालियर की इन खिलाड़ियों की सफलता प्रदेश में हॉकी के विकास को नई दिशा देने के साथ-साथ खेलों में करियर बनाने का सपना देखने वाले युवाओं को भी प्रेरित करेगी।