ग्वालियर के प्रतिष्ठित लक्ष्मीबाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फिजिकल एजुकेशन (LNIPE) परिसर में खेल शिक्षा को अत्याधुनिक बनाने की दिशा में एक नया कदम उठाया जा रहा है। संस्थान में देश के पहले आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित स्पोर्ट्स सेंटर की स्थापना पर काम चल रहा है, जिससे खेल जगत में तकनीक का एक नया अध्याय जुड़ेगा।

शारीरिक बनावट और खेल तकनीक का होगा सूक्ष्म विश्लेषण

इस नई तकनीक के माध्यम से खिलाड़ियों की शारीरिक बनावट और उनके मूवमेंट का बारीक एनालिसिस किया जाएगा। उदाहरण के लिए, यदि हाई जंप या किसी अन्य खेल के एथलीट को लगातार मेहनत के बाद भी मनचाहा परिणाम नहीं मिल रहा है, तो AI सिस्टम उसकी कमियों को परखकर सही ट्रेनिंग के तरीके सुझाएगा। इससे खिलाड़ियों को यह समझने में आसानी होगी कि उन्हें अपनी गतिविधि में कहां सुधार करना है।

केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया द्वारा LNIPE परिसर में नए स्पोर्ट्स साइंस ब्लॉक का उद्घाटन किया गया है, जिसके तहत इस आधुनिक AI स्पोर्ट्स सेंटर को विकसित किया जा रहा है। यह पूरी सुविधा नवंबर 2026 तक पूरी तरह से तैयार हो जाएगी, जिसका मुख्य उद्देश्य कम उम्र में ही खेल प्रतिभाओं की सही पहचान करना और उनकी परफॉर्मेंस को ट्रैक करना है।

खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों के लिए वरदान साबित होगी यह तकनीक

स्थानीय खिलाड़ियों का मानना है कि इस पहल से ग्वालियर समेत पूरे अंचल के एथलीट्स को काफी फायदा मिलेगा। स्विमिंग खिलाड़ी होमी गुप्ता के अनुसार, AI आधारित इस प्रोजेक्ट से खिलाड़ियों की फिटनेस को नई ऊंचाइयां मिलेंगी। इसके जरिए पोस्टुरल डिफॉर्मिटी और मूवमेंट एनालिसिस बेहद सरलता से हो सकेगा, जिससे कोचों को भी खिलाड़ियों की तकनीकी खामियां समय रहते सुधारने में मदद मिलेगी।

अब स्थानीय स्तर पर मिलेगी दिल्ली जैसी आधुनिक सुविधाएं

युवा खिलाड़ी रामजी शर्मा ने बताया कि पहले आधुनिक फिटनेस टेस्ट और डायग्नोस्टिक्स के लिए दिल्ली जैसे महानगरों का रुख करना पड़ता था, जिससे समय और ऊर्जा दोनों की बर्बादी होती थी। अब ग्वालियर में ही यह सुविधा मिलने से युवा वैज्ञानिक तरीकों से अपनी ताकत और स्टैमिना को सुधार सकेंगे, जिससे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनका प्रदर्शन और बेहतर हो पाएगा।